योगिनी एकादशी 2026: जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और व्रत के नियम
Yogini Ekadashi 2026: सनातन धर्म में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धापूर्वक इस व्रत का पालन करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं। इस वर्ष व्रत की तिथि को लेकर कई लोगों के मन में भ्रम है। आइए जानते हैं सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
योगिनी एकादशी 2026 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ 9 जुलाई 2026 को शाम 7:46 बजे होगा और इसका समापन 10 जुलाई 2026 को शाम 4:52 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर योगिनी एकादशी का व्रत शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को रखा जाएगा।
शुभ मुहूर्त और पारण का समय
व्रत की तिथि: 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार)
पारण का समय: 11 जुलाई 2026, सुबह 5:49 बजे से 8:39 बजे तक
योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों में योगिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं तथा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक आस्था को मजबूत करने का भी माध्यम माना जाता है।
योगिनी एकादशी पूजा विधि
प्रातः स्नान कर स्वच्छ एवं सात्विक वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थल को साफ कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
भगवान को पीले पुष्प, तुलसी दल, पंचामृत, फल और प्रसाद अर्पित करें।
"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करें।



