छुट्टी नहीं मिली तो WhatsApp पर दे दिया इस्तीफा! बॉस संग बातचीत का स्क्रीनशॉट हुआ वायरल
आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को लेकर जागरूकता पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। फिर भी कई कार्यस्थलों पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता, जितनी शारीरिक बीमारी को दी जाती है। इसी मुद्दे से जुड़ा एक मामला इन दिनों सोशल Media और LinkedIn पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां एक कर्मचारी ने एंग्जायटी के कारण छुट्टी मांगी, लेकिन बॉस के इनकार के बाद उसने WhatsApp पर ही इस्तीफा भेज दिया। इस घटना ने कार्यस्थल पर संवेदनशीलता, प्रोफेशनलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
वायरल स्क्रीनशॉट के मुताबिक कर्मचारी ने अपने मैनेजर को WhatsApp पर संदेश भेजकर बताया कि वह एंग्जायटी महसूस कर रहा है और मानसिक रूप से इतना परेशान है कि बिस्तर से उठकर ऑफिस नहीं आ सकता। उसने विनम्रता के साथ एक दिन की छुट्टी देने का अनुरोध किया।
हालांकि मैनेजर ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कर्मचारी को जवाब देते हुए कहा कि ऑफिस शुरू होने के बाद छुट्टी की जानकारी देना "अनप्रोफेशनल" है और इस तरह अचानक छुट्टी नहीं ली जा सकती।
बॉस के जवाब के बाद कर्मचारी ने तुरंत दिया इस्तीफा
मैनेजर के जवाब से निराश कर्मचारी ने कुछ ही मिनटों बाद WhatsApp पर अपना इस्तीफा भेज दिया। उसने लिखा कि उसे अफसोस है कि उसने अपनी मानसिक स्थिति के बारे में ईमानदारी से बताया, लेकिन उसे समझने के बजाय उसकी बात को गलत तरीके से लिया गया। इसलिए वह अब इस कंपनी में काम जारी नहीं रखना चाहता।
FNF और Experience Letter को लेकर भी हुई बहस
इस्तीफा भेजने के बाद बातचीत और अधिक विवादित हो गई। मैनेजर ने कर्मचारी को चेतावनी दी कि यदि उसने कंपनी की प्रक्रिया पूरी नहीं की तो उसका Full and Final Settlement (FNF) और Experience Letter प्रभावित हो सकता है। यहां तक कि उसे "Absconding" भी माना जा सकता है।
इसके जवाब में कर्मचारी ने कहा कि वह ऐसे कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटना चाहता जहां कर्मचारियों से धमकी भरे अंदाज में बात की जाती हो। उसने यह भी कहा कि अब उसे FNF या Experience Letter की कोई परवाह नहीं है।
सोशल मीडिया पर बंटी लोगों की राय
LinkedIn और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुई इस चैट ने लोगों को दो हिस्सों में बांट दिया। कुछ यूजर्स का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और मैनेजर को अधिक संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए था। वहीं दूसरी ओर कई लोगों का मानना है कि कर्मचारी को भी ऑफिस समय शुरू होने के बाद छुट्टी मांगने के बजाय पहले से सूचना देनी चाहिए थी।
कई प्रोफेशनल्स ने लिखा कि यह मामला सिर्फ Gen Z बनाम पुरानी पीढ़ी का नहीं है, बल्कि बेहतर वर्कप्लेस कम्युनिकेशन और आपसी सम्मान का है। उनका मानना है कि कर्मचारियों और मैनेजर दोनों को एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझने की जरूरत है।



