अनन्त श्री विभूषित ब्रह्मऋषि ब्रह्मचारी, श्री ब्रह्म सावित्री सिद्धपीठाधीश्वर एवं ब्रह्मधाम गादीपति परम पूज्य संत श्री तुलछाराम जी महाराज के वृन्दावन आगमन पर श्री उत्तर भारतीय चातुर्मास महा महोत्सव समिति द्वारा उनका भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया गया।
जानकारी के अनुसार पूज्य गुरुदेव 23 जून को श्री खेतेश्वर तीर्थ ब्रह्मधाम आसोतरा से जोधपुर के लिए प्रस्थान कर पुष्कर एवं जयपुर होते हुए भरतपुर पहुंचे। भरतपुर में रात्रि विश्राम के पश्चात बुधवार को वे वृन्दावन धाम पहुंचे। वृन्दावन आगमन पर गुरुदेव ने विभिन्न पवित्र मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
गुरुदेव के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं एवं समाजबंधुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्री उत्तर भारतीय चातुर्मास महा महोत्सव समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं भामाशाहों ने पुष्पमालाओं, जयघोष और अभिनंदन के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान आगामी चातुर्मास महोत्सव की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
स्वागत समारोह में मोहनसिंह चावंडा, गोरधनसिंह अराबा, रूगनाथसिंह अराबा (रोहतक), सुरेंद्रसिंह बासनी मनणा (कानपुर), ईश्वरसिंह बिस्सु, तगसिंह इंद्राणा, रामलाल, भागीरथसिंह मादड़ी (अमृतसर), डूंगरसिंह राजगुरु बासनी (दिल्ली), हुकमसिंह घेवड़ा (लुधियाना), दुर्गसिंह मेगावास (कुरुक्षेत्र), श्रवणसिंह नोरवा (चरखी दादरी), बजरंगसिंह बासनी मनणा (गुरुग्राम), विशनसिंह घंटियाला, अर्जुनसिंह घेवड़ा, जेठूसिंह बासनी मनणा, माधुसिंह कनोड़िया, जसवंतसिंह नारनाड़ी, राहुलसिंह घेवड़ा (वृन्दावन), एसपीसिंह मेघलासिया, हीरसिंह, प्रवीणसिंह सहित सैकड़ों गणमान्य समाजबंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा आगामी 46वें वृन्दावन चातुर्मास महोत्सव की सफलता के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।




