अनन्त श्री विभूषित ब्रह्मर्षि ब्रह्मचारी, श्री ब्रह्म सावित्री सिद्धपीठाधीश्वर परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज के पावन सान्निध्य में 46वें चातुर्मास महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन 29 जुलाई से 26 सितम्बर 2026 तक वृन्दावन धाम में किया जाएगा। यह आध्यात्मिक महोत्सव श्री कृष्ण साधक ट्रस्ट सेवाश्रम, गुरुकुल रोड, वृन्दावन (मथुरा) में आयोजित होगा, जहां देशभर से हजारों श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं धर्मप्रेमी पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित करेंगे।
चातुर्मास अवधि के दौरान प्रतिदिन धर्मसभा, सत्संग, आध्यात्मिक प्रवचन, भजन-कीर्तन, साधना, गुरु दर्शन एवं विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सनातन धर्म के मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
उत्तर भारतीय चातुर्मास महा महोत्सव आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर सद्गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज के दर्शन, सत्संग एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है। आयोजन समिति के अनुसार यह महोत्सव आध्यात्मिक उन्नति, समाजिक समरसता और धार्मिक जागरण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
महोत्सव का आयोजन उत्तर भारतीय चातुर्मास महा महोत्सव समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक श्री ब्रह्माजी का मंदिर एवं राजपुरोहित समाज विकास न्यास तथा श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ, आसोतरा हैं। आयोजन में अखिल भारतीय राजपुरोहित समाज विकास संस्थान एवं श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ का विशेष सहयोग रहेगा।
महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 25 जून 2026 को प्रातः 9 बजे चातुर्मास स्थल पर उत्तर भारतीय समाज बंधुओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इससे पूर्व 24 जून को प्रातः 10 बजे परम पूज्य गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज के वृन्दावन आगमन पर भव्य स्वागत किया जाएगा। आयोजन को लेकर समाज बंधुओं और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
बैठक एवं आयोजन व्यवस्थाओं में मोहनसिंह चावंडा, गोरधनसिंह अराबा, रूगनाथसिंह अराबा, सुरेंद्रसिंह बासनी मनणा, भागीरथसिंह मादड़ी, डूंगरसिंह राजगुरु, कानसिंह गुडलई, हुकमसिंह घेवड़ा, दुर्गसिंह मेगावास, श्रवणसिंह नोरवा, बजरंगसिंह बासनी मनणा, विशनसिंह घंटियाला, अर्जुनसिंह घेवड़ा, जेठूसिंह बासनी मनणा, माधुसिंह कनोड़िया, जसवंतसिंह नारनाड़ी, भंवरसिंह मनणा तप्पा, भैरवसिंह लूंबावास, राहुलसिंह घेवड़ा एवं प्रवीणसिंह चावंडा सहित अनेक समाज बंधु सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।




