मांगरोल क्षेत्र की बोहत ग्राम पंचायत में एक वृद्ध दंपती पेंशन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। मोहनलाल माली अपनी बीमार पत्नी की बंद पेंशन को चालू करवाने के लिए पिछले छह महीनों से लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
जानकारी के अनुसार मोहनलाल माली के पास केवल एक-दो बीघा जमीन है, जिससे वह किसी तरह जीवन यापन करते हैं। पेंशन ही उनके परिवार के लिए मुख्य सहारा थी, लेकिन पत्नी की पेंशन बंद होने के बाद आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है।
पीड़ित ने बताया कि वह पंचायत से लेकर उपखण्ड कार्यालय तक कई बार चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। न तो पेंशन शुरू हुई है और न ही किसी स्तर पर उनकी समस्या का स्थायी समाधान किया गया है।
वर्तमान में मोहनलाल माली एक जर्जर मकान की दीवार पर टीन डालकर रहने को मजबूर हैं। उनका मकान बारिश के कारण पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसका मुआवजा भी अभी तक नहीं मिला है। रहने के लिए सुरक्षित घर तक नहीं होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
ग्रामीणों और संयुक्त किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने इस स्थिति पर रोष जताते हुए प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे गरीब और असहाय लोगों की समस्याओं का तुरंत निवारण किया जाना चाहिए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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