कस्बे स्थित पीएम श्री राबाउमावि में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर साहित्य मंच द्वारा बालिकाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं को पुस्तक दिवस की महत्ता से अवगत कराते हुए बताया गया कि पुस्तकें मानव की सच्ची मित्र होती हैं, जो जीवन में सही मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। डिजिटल युग में भी किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान विलुप्त होती पहेलियों पर चर्चा की गई और बालिकाओं से रोचक पहेलियां पूछी गईं। सही उत्तर देने वाली छात्राओं को पेन देकर पुरस्कृत किया गया। वक्ताओं ने बताया कि पहेलियां बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करती हैं और उनमें जिज्ञासा बढ़ाती हैं।
इस अवसर पर शिक्षाविद् एवं साहित्यकार पारस चंद जैन (देवली, टोंक) द्वारा संपादित पुस्तक “पहेलियां ही पहेलियां” का भी उल्लेख किया गया, जो बच्चों में बौद्धिक विकास और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने में सहायक है।
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