मंत्रालयिक कर्मचारियों ने वीबी जी रामजी के बहिष्कार की दी चेतावनी
मांगों के समर्थन में सरकार को भेजा ज्ञापन, स्वाभिमान बचाओ आंदोलन की चेतावनी
पंचायतीराज विभाग में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों ने विभागीय स्तर पर अपनी मांगों की अनदेखी और कथित जांच के नाम पर संवर्ग को अपमानित किए जाने के विरोध में सरकार को ज्ञापन भेजकर रोष व्यक्त किया है। कर्मचारियों ने मांगों के समाधान नहीं होने पर वीबी जी रामजी योजना के पूर्ण बहिष्कार और स्वाभिमान बचाओ आंदोलन की चेतावनी दी है।
मकराना के पंचायत राज कर्मचारियों ने राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री एवं विभागीय सचिव को ज्ञापन प्रेषित कर बताया कि सरकार के रवैये से प्रदेशभर का मंत्रालयिक संवर्ग आहत और आक्रोशित है। कर्मचारियों का कहना है कि वीबी जी रामजी योजना का अधिकांश कार्य मंत्रालयिक संवर्ग द्वारा संपादित किया जाता है, ऐसे में पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग में इस योजना का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है।
अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पंचायत समिति मकराना शिव शंकर पारीक ने बताया कि वीबी जी रामजी योजना को मनरेगा योजना के स्थान पर लागू किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारी पहले से ही मनरेगा योजना में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें प्रतिनियुक्ति भत्ता नहीं दिया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि वीबी जी रामजी योजना के प्रशासनिक मद में मंत्रालयिक संवर्ग को प्रतिनियुक्ति भत्ता प्रदान किया जाए। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत कनिष्ठ लिपिक को पदेन कार्यक्रम अधिकारी एवं सचिव वीबी जी रामजी घोषित किया जाए तथा योजना में ग्राम विकास अधिकारी के हस्तक्षेप को समाप्त किया जाए।
कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि मंत्रालयिक संवर्ग का प्रशासनिक नियंत्रण पंचायतीराज विभाग से हटाकर ग्रामीण विकास विभाग को सौंपा जाए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वीबी जी रामजी योजना का बहिष्कार जारी रहेगा।




