Categories लोड हो रही हैं...

UPI MDR चार्ज पर वित्त मंत्री की सफाई, जानिए किसे देना होगा

15 अक्टूबर से चुनिंदा ₹2,000 से ज्यादा UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राहक से सीधा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

enewsbharat25 September 2026
UPI MDR चार्ज पर वित्त मंत्री की सफाई, जानिए किसे देना होगा

UPI MDR को लेकर वित्त मंत्री ने दी सफाई

UPI पेमेंट पर लगने वाले नए Merchant Discount Rate यानी MDR को लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।

नए नियम के तहत 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट भुगतान पर होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 होगी।

MDR क्या होता है?

MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट से जुड़ा शुल्क है। यह UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहक पर लगाया जाने वाला अलग से टैक्स नहीं है।

पेमेंट पूरा होने के बाद यह शुल्क पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े पक्षों के बीच वितरित होता है। इसमें बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और दूसरे संबंधित पक्ष शामिल हो सकते हैं। इसलिए इसे सीधे सरकार द्वारा वसूला जाने वाला टैक्स या सेस नहीं माना जाता।

क्या UPI पेमेंट करने पर ग्राहक से पैसे लिए जाएंगे?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कोई व्यक्ति ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करता है तो क्या उसके बैंक खाते से अतिरिक्त पैसे कटेंगे?

मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक ग्राहक से सीधे MDR नहीं लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि UPI ग्राहकों के लिए इस्तेमाल जारी रहेगा और नया MDR मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम के भीतर लागू होगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि मर्चेंट इस शुल्क को ग्राहक पर न डालें।

₹2,000 तक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर क्या होगा?

₹2,000 तक के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान इस नए MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। इसी तरह Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले UPI पैसे पर भी यह MDR लागू नहीं होगा।

यानी दोस्त को पैसे भेजना, परिवार के किसी सदस्य को रकम ट्रांसफर करना या ₹2,000 तक का पात्र मर्चेंट पेमेंट करना इस नए MDR के तहत चार्ज वाला ट्रांजैक्शन नहीं होगा।

₹10,000 के पेमेंट पर कितना MDR?

मान लीजिए कोई पात्र मर्चेंट UPI के जरिए ₹10,000 का भुगतान स्वीकार करता है। 0.4 प्रतिशत की दर से MDR ₹40 बनेगा।

इसी तरह ₹2,000 पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से राशि ₹8 होगी। हालांकि नियम केवल पात्र मर्चेंट P2M ट्रांजैक्शन पर लागू होंगे। ₹75,000 या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर MDR ₹300 से अधिक नहीं होगा।

छोटे कारोबारियों को राहत

नई व्यवस्था में छोटे कारोबारियों के लिए भी प्रावधान रखा गया है। सरकार के मुताबिक ऐसे छोटे मर्चेंट, जिनकी UPI QR के जरिए प्राप्तियां निर्धारित सीमा के भीतर हैं, MDR से बाहर रहेंगे। वित्त मंत्रालय ने बताया है कि छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए मौजूदा zero-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।

सरकार का कहना है कि UPI के ज्यादातर छोटे-मूल्य वाले लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। उपलब्ध सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार 95 प्रतिशत से अधिक मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन ₹2,000 से नीचे हैं।

0.4 प्रतिशत MDR की अधिकतम सीमा ₹300

नए नियम में MDR की अधिकतम सीमा भी तय की गई है। ₹75,000 या उससे अधिक के पात्र ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत की गणना

News Detail Ad 1
Ad1
Ad2
News Detail Ad 1
Ad1
Ad2
₹300 से ऊपर जाने पर भी शुल्क ₹300 तक सीमित रहेगा।

इसका मतलब है कि ₹1 लाख का पात्र UPI मर्चेंट पेमेंट होने पर भी 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹400 नहीं, बल्कि अधिकतम ₹300 MDR होगा।

किन पेमेंट पर MDR लागू नहीं होगा?

इस नई व्यवस्था में सभी UPI पेमेंट शामिल नहीं हैं। मुख्य रूप से P2P ट्रांजैक्शन और ₹2,000 तक के पात्र P2M ट्रांजैक्शन इससे बाहर हैं।

इसके अलावा छोटे कारोबारियों को भी मौजूदा व्यवस्था के तहत राहत दी गई है। कुछ जरूरी सेवाओं के लिए अलग शुल्क व्यवस्था भी तय की गई है, इसलिए हर ₹2,000 से ज्यादा UPI भुगतान को एक ही नियम के तहत देखना सही नहीं होगा।

सरकार के खाते में नहीं जाएगा MDR

MDR को लेकर एक बड़ी गलतफहमी यह है कि यह पैसा सीधे सरकार के खाते में जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार MDR पेमेंट इकोसिस्टम में रहने वाला शुल्क है और यह संबंधित बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स तथा अन्य सेवा प्रदाताओं के बीच बंटता है।

इसी वजह से इसे UPI पर लगाया गया टैक्स या सेस कहना सही नहीं होगा।

15 अक्टूबर से बदलेगी व्यवस्था

नई MDR व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली है। NPCI ने इसके लिए 0.4 प्रतिशत की दर तय की है और ₹300 की अधिकतम सीमा रखी गई है।

इस बदलाव के बाद UPI का इस्तेमाल बंद नहीं होगा और सामान्य ग्राहक के लिए UPI पेमेंट करते समय अलग से MDR काटने की व्यवस्था नहीं है। हालांकि मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम पर इसके प्रभाव को लेकर आगे चर्चा जारी रह सकती है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि हर UPI पेमेंट पर चार्ज नहीं लगने वाला है। ₹2,000 तक के पात्र मर्चेंट पेमेंट और व्यक्ति-से-व्यक्ति ट्रांजैक्शन इस MDR के दायरे में नहीं हैं, जबकि चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा।


सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें

राजनीति की हर हलचल, क्रिकेट और स्पोर्ट्स की हर अपडेट, और देश-दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए eNews Bharat के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ना न भूलें।

Instagram: https://www.instagram.com/enewsbharat24

Facebook: https://www.facebook.com/enewsbharat24

YouTube (Subscribe): https://www.youtube.com/@eNewsBharat24

X (Twitter): https://x.com/enewsbharat24

यहां आपको मिलेंगे लाइव अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, शॉर्ट वीडियो, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, मैच प्रीव्यू और रिव्यू eNewsBharat के साथ जुड़े रहें देश-विदेश की बड़ी राजनीतिक घटनाएँ, जीएसटी फ्रॉड से जुड़ी अहम जानकारियाँ, स्पोर्ट्स और जनहित से जुड़ी हर ज़रूरी खबर — पल-पल की सटीक जानकारी के लिए eNewsBharat को लगातार विज़िट करते रहें। आपका भरोसा ही हमारी ताकत है। हम आगे भी आपको सबसे तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाते रहेंगे।

#UPICharges #NirmalaSitharaman #UPIPayment #DigitalPayments #NPCI #MerchantDiscountRate