UPI Charge Petrol Pump: अलवर में कैश पेमेंट को लेकर क्यों लगे पोस्टर?
भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुके UPI को लेकर अक्टूबर 2026 से एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू किया जाएगा। इसी बदलाव का असर अब पेट्रोल पंपों पर भी दिखाई देने लगा है। राजस्थान के अलवर में कुछ पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI भुगतान करने से बचने और कैश में भुगतान करने की अपील किए जाने की खबर सामने आई है।
अलवर के पेट्रोल पंपों पर कैश पेमेंट का जोर
अलवर से सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पेट्रोल पंप और CNG स्टेशनों पर कैश पेमेंट को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। ग्राहकों को 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान से बचने की सलाह दी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि नए MDR नियम को लेकर अभी भी कई स्तरों पर स्पष्टता का इंतजार है, लेकिन ग्राहकों के बीच भी इसे लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है।
यही वजह है कि कुछ ग्राहक बड़े भुगतान को UPI से करने के बजाय कैश का विकल्प चुन रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ लोग 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान होने पर उसे अलग-अलग ट्रांजैक्शन में बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है?
नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI भुगतान पर MDR लागू होगा। सामान्य मर्चेंट कैटेगरी में MDR 0.4 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जबकि कुछ खास क्षेत्रों के लिए अलग फ्लैट रेट रखा गया है। Reuters के अनुसार, फ्यूल यानी पेट्रोल-डीजल जैसे भुगतान के लिए 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर फ्लैट 5 रुपये MDR रखा गया है।
इसका मतलब यह है कि पेट्रोल पंप पर अगर कोई पात्र UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन 2,000 रुपये से ज्यादा का होता है, तो सामान्य 0.4 प्रतिशत की जगह फ्यूल कैटेगरी में निर्धारित फ्लैट MDR लागू होगा।
क्या ग्राहक से सीधे वसूला जाएगा UPI चार्ज?
यहां सबसे जरूरी बात ग्राहक और पेट्रोल पंप दोनों के लिए समझना जरूरी है। प्रस्तावित MDR को सीधे ग्राहक से वसूलने की अनुमति नहीं है। Reuters के अनुसार, नए शुल्क को उपभोक्ताओं पर डालने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं और बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि मर्चेंट MDR का खर्च ग्राहक से न वसूलें।
इसलिए अगर कोई ग्राहक पेट्रोल पंप पर UPI से भुगतान करता है, तो सिर्फ MDR लागू होने के कारण उससे अलग से 5 रुपये मांगना नियम का उद्देश्य नहीं है। MDR मुख्य रूप से मर्चेंट साइड पर लागू होने वाला शुल्क है।
पेट्रोल पंपों के लिए 5 रुपये का फ्लैट MDR
पेट्रोल पंपों के लिए इस नियम की खास बात यह है कि यहां MDR सामान्य 0.4 प्रतिशत के हिसाब से नहीं बल्कि फ्लैट रेट के रूप में लागू होगा। उदाहरण के तौर पर 2,000 रुपये से अधिक के पात्र फ्यूल पेमेंट पर 5 रुपये का MDR निर्धारित किया गया है। यानी बड़ी रकम के भुगतान पर भी फ्यूल कैटेगरी में निर्धारित शुल्क फ्लैट रहेगा।
पेट्रोल पंप संचालकों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फ्यूल रिटेल कारोबार में मार्जिन सीमित होने की बात लंबे समय से कही जाती रही है। ऐसे में हर पात्र डिजिटल ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त लागत उनके कुल भुगतान खर्च को प्रभावित कर सकती है।
छोटे कारोबारियों पर क्या असर होगा?
नई व्यवस्था में हर व्यापारी और हर UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू नहीं होगा। Reuters के मुताबिक, QR के जरिए UPI से हर महीने 1 लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले छोटे मर्चेंट MDR से exempt रहेंगे। इसके अलावा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में QR आधारित UPI मर्चेंट भुगतान को भी शुल्क से बाहर रखने की जानकारी दी गई है।
इसका मतलब है कि UPI MDR का असर पूरे मर्चेंट सेक्टर पर एक समान नहीं होगा। पात्रता, कारोबार की श्रेणी और ट्रांजैक्शन की रकम के आधार पर नियम अलग-अलग हो सकते हैं।



