भारी बारिश से कई राज्यों में बिगड़े हालात, काशी में पुलिस चौकी डूबी; छत्तीसगढ़ में महिला पर गिरी बिजली
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
काशी में पुलिस चौकी तक पहुंचा बाढ़ का पानी
वाराणसी यानी काशी में भी बारिश और बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। यहां बाढ़ का पानी पुलिस चौकी तक पहुंच गया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है।
यूपी के कई जिलों में बाढ़ का असर
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क और सामान्य आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। कई जगह जलभराव के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। राहत और बचाव एजेंसियां संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में भी पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में किसानों की चिंता भी बढ़ी है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
मध्यप्रदेश के 22 जिलों में रेड अलर्ट
मध्यप्रदेश में भी मानसून का असर तेज बना हुआ है। प्रदेश के 22 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर नदी और नालों के आसपास जाने से बचने तथा अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की जा रही है। भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने को कहा गया है।
छत्तीसगढ़ में महिला पर गिरी बिजली
छत्तीसगढ़ में भी बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा बना हुआ है। बारिश के दौरान एक महिला पर बिजली गिरने की घटना सामने आई है। मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े नहीं होने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे जरूरी है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।



