राजस्थान की राजनीति का असर यूपी संगठन पर, गुर्जर की जगह जांगिड़ की एंट्री
कांग्रेस हाईकमान ने उत्तर प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए प्रभारी महासचिव के साथ तैनात छह पुराने एआईसीसी सचिवों को हटाकर नए नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। इस फेरबदल में राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरज गुर्जर को हटाकर जगदीश चंद्र जांगिड़ को एआईसीसी सचिव नियुक्त किया गया है। यह बदलाव केवल संगठनात्मक नहीं बल्कि राजस्थान कांग्रेस के बदलते राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
धीरज गुर्जर की जगह जगदीश जांगिड़ को मिली जिम्मेदारी
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के लिए जगदीश चंद्र जांगिड़, अभिषेक दत्त, कुणाल चौधरी, संजीव आर्य, वरुण चौधरी और अब्दुल मन्नान को नया एआईसीसी सचिव नियुक्त करते हुए प्रभारी महासचिव के साथ संबद्ध किया है।
वहीं, जिन छह पुराने सचिवों को हटाया गया है उनमें धीरज गुर्जर, नीलांशु चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, सत्यनारायण पटेल और तौकीर आलम शामिल हैं।
सात साल तक निभाई अहम जिम्मेदारी
धीरज गुर्जर को वर्ष 2019 में राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष रहते पहली बार एआईसीसी सचिव बनाया गया था। शुरुआत में उन्हें उत्तर प्रदेश पश्चिम के प्रभारी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ लगाया गया था। बाद में वे प्रियंका गांधी के साथ संबद्ध रहे।
मल्लिकार्जुन खड़गे के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद भी 2024 में उनकी जिम्मेदारी बरकरार रखी गई थी। करीब सात वर्षों तक यूपी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद अब उन्हें इस पद से हटाया गया है।
राजस्थान की राजनीति से भी जुड़े हैं बदलाव के मायने
धीरज गुर्जर राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट के समर्थक माने जाते हैं। वे भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं और एनएसयूआई तथा यूथ कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी।
अब उनकी जगह राजस्थान के ही पूर्व विधायक जगदीश चंद्र जांगिड़ को जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है। इससे कांग्रेस के अंदरूनी राजनीतिक संतुलन को लेकर भी नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।




