उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शाही मस्जिद को लेकर विवाद
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है, लेकिन इसी काम के दौरान शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी प्रभावित क्षेत्र में आ गया। प्रशासन और नगर निगम की ओर से सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले ढांचों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान मामला तनावपूर्ण हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के प्रस्तावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और पुलिस के साथ उनका टकराव हो गया। स्थिति बिगड़ने पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
सड़क चौड़ीकरण से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए शहर में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम चल रहे हैं। इनमें सड़क चौड़ीकरण भी शामिल है। प्रशासन की योजना शहर में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए यातायात और आवाजाही को बेहतर बनाने की है।
इसी सड़क परियोजना के तहत कई ऐसे ढांचों को चिह्नित किया गया है जो प्रस्तावित सड़क की सीमा में आ रहे हैं।
शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने के बाद बढ़ा तनाव
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद प्रदर्शन और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अज्ञात लोगों की ओर से पथराव भी किया गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। Rapid Action Force यानी RAF के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
प्रशासन का कहना है—सड़क की सीमा में आने वाला हिस्सा हटाया जा रहा
इस पूरे मामले को सिर्फ मस्जिद से जुड़े विवाद के तौर पर देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता। प्रशासन की कार्रवाई एक बड़े सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट का हिस्सा है। नगर निगम सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले ढांचों को हटा रहा है।
इसी परियोजना के तहत कई अन्य संरचनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पैतृक घर का हिस्सा भी इस विकास कार्य से प्रभावित हुआ और उन्होंने खुद उससे जुड़ी कार्रवाई में हिस्सा लिया था। उन्होंने इसे व्यक्तिगत रूप से भावनात्मक बताते हुए सिंहस्थ की तैयारियों के लिए जरूरी बताया।
सिंहस्थ 2028 के लिए बड़े स्तर पर तैयारी
उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है। इसे देखते हुए शहर में कई बड़े विकास कार्य किए जा रहे हैं। नगर निगम के अनुसार, नए घाट, डायवर्जन प्रोजेक्ट, बांध और दूसरी आधारभूत सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है।
प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। इसी वजह से सड़क चौड़ीकरण को इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान का हिस्सा बताया जा रहा है।



