PG छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! UGC देगा हर साल 1.5 लाख रुपये की स्कॉलरशिप, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
नई दिल्ली। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने बड़ी राहत की घोषणा की है। आर्थिक रूप से पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस करने वाले पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्रों को अब हर साल 1.5 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप मिलेगी। यह सहायता National Scholarship for Post Graduate Studies (NSPG) योजना के तहत दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर प्रदान करना है।
UGC के अनुसार, इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द ही National Scholarship Portal (NSP) पर शुरू की जाएगी। पात्र छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। चयनित उम्मीदवारों को अधिकतम दो वर्षों तक आर्थिक सहायता मिलेगी। इस तरह एक छात्र को पूरे कोर्स के दौरान कुल 3 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप मिल सकती है। यह राशि छात्रों के बैंक खाते में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भेजी जाएगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस स्कॉलरशिप के लिए वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जो भारत के किसी न्यता माप्राप्त विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान में पहली बार रेगुलर (Full-Time) पोस्टग्रेजुएट कोर्स में दाखिला ले रहे हैं। आवेदक की आयु 30 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार को UGC द्वारा तय की गई अन्य पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा। योजना के तहत हर साल 10,000 छात्रों का चयन किया जाएगा।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक छात्र National Scholarship Portal (NSP) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के दौरान छात्रों को अपनी शैक्षणिक जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज, प्रवेश प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, इसलिए किसी भी तरह की ऑफलाइन आवेदन व्यवस्था नहीं होगी।
किन छात्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ?
यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए राहत लेकर आई है जो आर्थिक कारणों से पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई महसूस करते हैं। स्कॉलरशिप की राशि का उपयोग छात्र कॉलेज फीस, किताबें, रिसर्च, प्रोजेक्ट, हॉस्टल, लैपटॉप, अध्ययन सामग्री और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए कर सकते हैं। इससे छात्रों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेंगे।




