Trump का दावा, सोमवार से शुरू होगी अमेरिका-ईरान वार्ता; परमाणु समझौते और होर्मुज पर बन सकती है सहमति
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि सोमवार से अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता शुरू होने जा रही है। ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत का मुख्य एजेंडा ईरान के परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Deal) और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े मुद्दे होंगे। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल तेज हो गई है।
अमेरिका-ईरान संबंधों में आ सकती है नई शुरुआत
पिछले कई वर्षों से अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और मध्य-पूर्व की सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है। हालांकि ट्रंप के ताजा बयान से संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए मतभेद कम करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बैठक सफल रहती है तो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही कूटनीतिक दूरी कम हो सकती है और क्षेत्रीय तनाव में भी कमी आने की संभावना है।
परमाणु समझौते पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित बैठक में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहेगा। अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करे और पारदर्शिता बनाए रखे। दूसरी ओर ईरान लगातार यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
यदि इस वार्ता में किसी नए परमाणु समझौते या पुराने समझौते को लेकर सहमति बनती है तो यह वैश्विक राजनीति की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक हो सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी होगी अहम चर्चा
ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
यदि अमेरिका और ईरान इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर सहमत होते हैं तो इसका सकारात्मक असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।




