आप तो समुद्री डकैती पर उतर आए...', होर्मुज टोल पर ट्रंप को लूला ने घेरा
ब्रासीलिया/वॉशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क (टोल) लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह कदम किसी वैध सुरक्षा व्यवस्था का नहीं, बल्कि "समुद्री डकैती (Piracy)" जैसा है।
लूला ने क्या कहा?
लूला दा सिल्वा ने कहा कि अमेरिका वर्षों तक दुनिया में समुद्री डकैती के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है, लेकिन यदि वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से जबरन शुल्क वसूलेगा, तो यह खुद समुद्री डकैती जैसा व्यवहार होगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग किसी एक देश की निजी संपत्ति नहीं हैं और उन पर एकतरफा शुल्क लगाना वैश्विक नियमों के विपरीत है।
क्या है ट्रंप का प्रस्ताव?
डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने के बदले वहां से गुजरने वाले सभी कार्गो जहाजों पर 20% शुल्क लगाएगा। उनका तर्क है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को खुला रखने और सुरक्षा व्यवस्था का खर्च उठाने के लिए यह शुल्क आवश्यक है। इस प्रस्ताव ने दुनिया भर में कानूनी और कूटनीतिक बहस छेड़ दी है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल (Crude Oil) और एलएनजी (LNG) इसी रास्ते से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है। इस मार्ग में किसी भी प्रकार का व्यवधान या अतिरिक्त शुल्क वैश्विक ऊर्जा बाजार, शिपिंग उद्योग और महंगाई पर सीधा असर डाल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय कानून पर उठे सवाल
ट्रंप के प्रस्ताव के बाद संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संस्था (IMO) ने भी दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों से गुजरने वाले जहाजों पर एकतरफा शुल्क लगाने का कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं है। कई समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसा कदम लागू होता है तो यह वैश्विक व्यापार और समुद्री कानूनों के लिए नई चुनौती बन सकता है।




