क्या यह डील खत्म कर पाएगी इजराइल-हमास का लंबे समय का संघर्ष?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि हमास और इजराइल के बीच एक अहम शांति समझौता हो गया है। इस समझौते को गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। ट्रम्प के अनुसार, यह योजना कई चरणों में लागू की जाएगी, जिसमें सबसे पहले हमास हथियार छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेगा और इसके बाद इजराइली सेना गाजा से धीरे-धीरे पीछे हटेगी।
ट्रम्प ने बताया कि यह समझौता उनके 20-पॉइंट गाजा प्लान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता स्थापित करना है। योजना के तहत गाजा की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जाएगा। इसके लिए एक इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स और नई फिलिस्तीनी पुलिस को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
बताया गया है कि हमास द्वारा हथियार छोड़ने की मंजूरी के बाद समझौते को लागू करने के लिए 14 दिनों की प्रक्रिया शुरू होगी। इस दौरान समझौते के अलग-अलग चरणों को लागू करने की समयसीमा और रणनीति तय की जाएगी। हालांकि, अभी भी इस समझौते को जमीन पर लागू करना सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया है कि शुरुआत में ईरान ने हमास को इस प्रस्ताव को स्वीकार न करने की सलाह दी थी। अधिकारी के मुताबिक, ईरान चाहता था कि हमास समझौते से दूरी बनाए रखे, लेकिन बाद में संगठन ने गाजा के लोगों के हितों को देखते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
इस संभावित शांति समझौते के बाद पूरी दुनिया की नजर अब गाजा पर टिकी हुई है। सवाल यह है कि क्या यह पहल वास्तव में वर्षों से चले आ रहे संघर्ष को खत्म कर पाएगी या फिर रास्ते में नई राजनीतिक और




