ट्रम्प का कनाडा पर बड़ा एक्शन, 50% टैरिफ लागू; ट्रेड डील पर नहीं बनी बात
वॉशिंगटन/ओटावा। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौते को लेकर तीन दिन तक चली बातचीत आखिरकार बेनतीजा रही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह टैरिफ कनाडा से अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% बताया जा रहा है।
दोनों देशों के अधिकारी वॉशिंगटन डीसी में लगातार बातचीत कर रहे थे और कोशिश थी कि टैरिफ लागू होने से पहले किसी समझौते पर पहुंचा जाए। हालांकि, कई दौर की बातचीत के बावजूद कुछ अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के फैसले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि कनाडा अमेरिकी टैरिफ का जवाब देगा। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।
आखिर अमेरिका ने कनाडा पर 50% टैरिफ क्यों लगाया?
अमेरिका लंबे समय से कनाडा की कुछ व्यापार नीतियों को लेकर नाराजगी जताता रहा है। दोनों देशों के बीच ऑटोमोबाइल, डेयरी उत्पाद, शराब और लकड़ी के कारोबार को लेकर विवाद हैं।
अमेरिका का आरोप है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए बराबर अवसर नहीं देतीं। ट्रम्प प्रशासन चाहता है कि कनाडा अमेरिकी सामान के लिए अपना बाजार और ज्यादा खोले।
वहीं कनाडा का कहना है कि वह अपने घरेलू उद्योगों और बाजार को बचाने के लिए कुछ नीतियां लागू करता है। यही मतभेद ट्रेड डील की बातचीत में बड़ी बाधा बने।
अमेरिकी कार कंपनियों को लेकर विवाद
अमेरिका लंबे समय से कनाडा की ट्रेड पॉलिसी में अमेरिकी कार कंपनियों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा उठाता रहा है। वॉशिंगटन चाहता है कि अमेरिकी ऑटोमोबाइल कंपनियों और उनके उत्पादों को कनाडा के बाजार में ज्यादा आसानी से पहुंच मिले।
दूसरी ओर, कनाडा ने अमेरिका से स्टील, एल्युमिनियम, कारों और लकड़ी पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ में राहत की मांग की थी। लेकिन दोनों पक्ष इन मुद्दों पर अंतिम सहमति तक नहीं पहुंच सके।
डेयरी बाजार भी बना बड़ा विवाद
कनाडा अपने डेयरी बाजार को विदेशी कंपनियों और सस्ते आयात से बचाने के लिए कई नियम लागू करता है। अमेरिका चाहता है कि उसके दूध और अन्य डेयरी उत्पादों को कनाडा में ज्यादा आसानी से बेचने का मौका मिले।
कनाडा हालांकि अपने डेयरी सेक्टर को लेकर बड़ी रियायत देने को तैयार नहीं हुआ। इस मुद्दे ने भी दोनों देशों के बीच बातचीत को मुश्किल बना दिया।
अमेरिकी शराब और कनाडाई लकड़ी पर भी विवाद
अमेरिका और कनाडा के बीच शराब की बिक्री को लेकर भी विवाद रहा है। कनाडा के कुछ हिस्सों में अमेरिकी शराब की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंधों को अमेरिका अपने उत्पादों के साथ भेदभाव के तौर पर देखता है।
इसके अलावा कनाडाई सॉफ्टवुड लंबर यानी लकड़ी को लेकर दोनों देशों में लंबे समय से व्यापार विवाद चला आ रहा है। इन सभी मुद्दों को ट्रेड डील में सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन अंतिम समझौता नहीं हो सका।



