एंकर - पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट दो दिवसीय दौरे पर टोंक पहुंचे थे। आज दूसरे दिन के दौरे के दौरान टोंक सर्किट हाउस में उन्होंने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।
मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र के दौरे के दौरान सभी लोगों की यही मांग है कि जल्द से जल्द राजस्थान में नगर परिषद और पंचायत चुनाव करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासक तैनात हैं, जो जनता के रोजमर्रा के कामों को ठीक से नहीं कर पा रहे हैं।

पायलट ने आरोप लगाया कि जब से राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी है, तब से ना छात्र संघ चुनाव हो रहे हैं, ना नगर निकाय और ना ही पंचायत चुनाव। कोर्ट के आदेश के बावजूद भी चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि चुने हुए प्रतिनिधि अपने वार्ड और पंचायतों में काम करें, क्योंकि अधिकारी इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से नहीं चला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव टाल रही है क्योंकि उसे हार का डर है।
सचिन पायलट ने नरेगा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कई गांवों में नरेगा का काम बंद है और ग्रामीण मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नरेगा का नाम बदलकर केवल दिखावा किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास, रोजगार और पंचायत चुनाव सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं और केवल घोषणाओं और विज्ञापनों के जरिए काम दिखाया जा रहा है।
पायलट ने आगे कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए आने वाले हफ्तों में पेयजल संकट गहरा सकता है, इसलिए सरकार को पहले से तैयारी करनी चाहिए, जैसे जलापूर्ति, टैंकर व्यवस्था और पाइपलाइन मरम्मत।




