टोंक पथराव मामले पर विधानसभा में उठा सवाल, कई आरोपी गिरफ्तार
टोंक के पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में 6 मार्च की रात हुई पथराव की घटना को लेकर मंगलवार को विधानसभा में मामला उठाया गया। निवाई से भाजपा विधायक रामसहाय वर्मा ने सभापति के माध्यम से सरकार से इस घटना को लेकर सवाल पूछा।
विधायक रामसहाय वर्मा ने पूछा कि 6 मार्च की रात करीब साढ़े दस बजे समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने एकजुट होकर वाल्मिकी समाज के लोगों पर पथराव और फायरिंग की। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है और लोगों की सुरक्षा के लिए उसी मोहल्ले के सामुदायिक भवन में पुलिस चौकी कब तक खोली जाएगी।
इसके साथ ही विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि समुदाय विशेष के कुछ लोग वन भूमि और सरकारी जमीन पर कब्जा कर रह रहे हैं, उन्हें हटाने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी।
सरकार ने दिया जवाब
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने विधानसभा में जवाब देते हुए बताया कि इस मामले में पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक बालक को निरुद्ध किया गया है।
इसके अलावा धारा 170 BNS के तहत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से चार आरोपियों को जेल भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल उस क्षेत्र में सामुदायिक भवन में पुलिस चौकी खोलने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
वहीं सरकारी भूमि पर कब्जे के मामले में मंत्री बेढम ने आश्वासन दिया कि यदि किसी ने भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है तो उसकी जांच कराई जाएगी और अतिक्रमण पाए जाने पर विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह था पूरा मामला
गौरतलब है कि 6 मार्च को पुरानी टोंक थाना क्षेत्र के देशवाली मोहल्ले में एक किराना दुकान पर कुछ युवकों के बीच झगड़ा हो गया था। इसके बाद वे युवक पास ही स्थित वाल्मिकी मोहल्ले में पहुंच गए, जहां स्थानीय लोगों ने उन्हें मोहल्ले से जाने के लिए कहा।
इस बात को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि कुछ देर बाद समुदाय विशेष के लोगों ने वाल्मिकी समाज के घरों पर




