टोंक जिले में अपनी चौथी रात्रि चौपाल में टोंक कलेक्टर टीना डाबी मंगलवार की रात ककोड़ गांव में मौजूद रही और लगभग 4 घंटे से ज्यादा समय बिजली, पानी और सड़क जैसी समस्याओं के समाधान के साथ बिताया। इस रात्रि चौपाल में देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर भी मौजूद रहे, जिन्होंने वन विभाग के रेंजर पंकज शर्मा पर बजरी माफियाओं से साठगांठ के आरोप लगाए।
रात्रि चौपाल में कलेक्टर टीना डाबी ने 90 से ज्यादा समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव की समस्याओं का निस्तारण ग्रामीण स्तर पर ही किया जाए, ताकि किसी भी परिवादी को परेशान न होना पड़े।
ककोड़ में आयोजित ग्राम पंचायत चौपाल में लोगों की उम्मीदें भी कलेक्टर से जुड़ी नजर आईं और 4 घंटे से ज्यादा समय में बड़ी संख्या में समस्याओं का समाधान हुआ। इस दौरान टोंक एडीएम, एसडीएम सहित सभी विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
BITE 01: टीना डाबी, टोंक कलेक्टर (प्रिंटेड सूट)
BITE 02: राजेन्द्र गुर्जर, विधायक देवली-उनियारा (सफेद शर्ट)
BITE 03: महेश शर्मा, परिवादी (स्काई ब्लू शर्ट)
विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने वन विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
चौपाल के दौरान विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने वन विभाग के रेंजर पंकज शर्मा और उनकी टीम पर अवैध बजरी खनन और परिवहन करवाने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वन विभाग की मिलीभगत से अवैध बजरी परिवहन को संरक्षण दिया जा रहा है।
उपवन संरक्षक अनुराग महर्षि भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने मामले की जांच जिला कलेक्टर से कराने की बात कही। इस पर विधायक ने कहा कि उनके पास वीडियो और फोटो साक्ष्य मौजूद हैं।
विधायक ने आरोप लगाया कि जहां गरीबों पर कार्रवाई होती है, वहीं अवैध बजरी खनन और परिवहन करने वालों को संरक्षण मिलता है। हालांकि रेंजर पंकज शर्मा ने सभी आरोपों को लेकर अपनी सफाई दी।




