जिला कलेक्टर टीना डाबी की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय मासिक जनसुनवाई का आयोजन हुआ, जो लगभग सात घंटे तक चली। इसमें जिले के दूरदराज के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने कुल 196 परिवाद दर्ज कराकर अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याएं रखीं।
जिला कलेक्टर ने प्रत्येक परिवादी की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर भी मौजूद रहे।
जनसुनवाई के दौरान टोंक नगर परिषद क्षेत्र में श्मशानों के विकास और सुविधाओं को लेकर भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिस पर कलेक्टर ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
टीना डाबी ने निर्देश दिए कि सभी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी जनसुनवाई में आए प्रकरणों का स्वयं रजिस्टर में संधारण करें, ताकि उनकी प्रभावी ट्रैकिंग हो सके। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर निस्तारित होने वाले मामलों को जिला स्तर पर नहीं आने दिया जाए और अनावश्यक लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लिया जाएगा।
जनसुनवाई में नगर परिषद टोंक के वार्ड 40 निवासी इफतेखार फातमा ने सीवरेज सफाई की समस्या, जबकि वार्ड 35 की भावना महावर ने जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस पर कलेक्टर ने पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया को जांच के निर्देश दिए और नगर परिषद आयुक्त को सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग मजबूत करने को कहा।
राजस्व मामलों में नामांतरण, अतिक्रमण हटाने, सीमाज्ञान और खेल मैदान से कब्जा हटाने जैसी शिकायतें सामने आईं। वहीं पेयजल और विद्युत समस्याओं को लेकर भी कई परिवाद दर्ज किए गए, जिन पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
किसानों ने खेतों में जलभराव और निकासी व्यवस्था को लेकर भी समस्याएं रखीं। इस पर कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को मौके पर जाकर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में एडीएम रामरतन सोकरिया, सीईओ परशुराम धानका, एडीएम मालपुरा विनोद कुमार मीना, एडीएम बीसलपुर भूपेन्द्र यादव सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से मौजूद रहे।




