58 विधायकों के अलग होने के बाद टीएमसी बागी गुट ने चुनाव आयोग से नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और पार्टी सिंबल को मान्यता देने की मांग की।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर खुद को असली टीएमसी बताते हुए पार्टी के चुनाव चिन्ह (सिंबल) और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) को मान्यता देने की मांग की। 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से इस मामले में जल्द फैसला लेने का आग्रह किया।
बैठक के बाद बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनकी बात ध्यान से सुनी है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन का दावा
22 जून को कोलकाता में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में आयोजित प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) के गठन का ऐलान किया गया था। बागी गुट का दावा है कि पार्टी में संगठनात्मक बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किए गए हैं और इन्हें आधिकारिक मान्यता मिलनी चाहिए।
58 विधायक और 20 सांसद हुए थे अलग
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद 3 जून को टीएमसी के 80 में से 58 विधायक ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग हो गए थे। इसके बाद 15 जून को पार्टी के 20 सांसदों ने भी टीएमसी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय कर लिया था। इससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
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