The India Story Review: थाली से कोर्ट तक की लड़ाई, इमोशन है लेकिन क्लाइमैक्स कमजोर
नई दिल्ली।बॉलीवुड फिल्म 'The India Story' एक ऐसे मुद्दे को पर्दे पर उतारने की कोशिश करती है, जिसमें आम आदमी की जिंदगी, खाने की थाली और कानूनी लड़ाई को जोड़ा गया है। फिल्म का विषय काफी गंभीर और सामाजिक मुद्दों से जुड़ा हुआ है, लेकिन कहानी को जिस प्रभावशाली तरीके से पेश किए जाने की उम्मीद थी, वहां फिल्म थोड़ी कमजोर नजर आती है।
फिल्म में श्रेयस तलपड़े और काजल अग्रवाल जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। दोनों कलाकारों ने अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश की है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और फीका क्लाइमैक्स फिल्म के प्रभाव को कम कर देता है।
थाली से कोर्ट तक की कहानी
फिल्म की कहानी आम लोगों से जुड़े एक मुद्दे के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक सामान्य समस्या धीरे-धीरे कानूनी लड़ाई का रूप ले लेती है और फिर मामला अदालत तक पहुंच जाता है।
फिल्म का कॉन्सेप्ट दर्शकों को शुरुआत में आकर्षित करता है। सामाजिक मुद्दे को मनोरंजन के साथ जोड़ने की कोशिश की गई है, लेकिन कई जगह कहानी अपनी पकड़ खोती हुई नजर आती है।
श्रेयस तलपड़े और काजल अग्रवाल का अभिनय
श्रेयस तलपड़े ने अपने किरदार में भावनात्मक पक्ष को अच्छी तरह दिखाने की कोशिश की है। उनका अभिनय फिल्म की मजबूत कड़ी है। वहीं काजल अग्रवाल भी अपने किरदार में प्रभाव छोड़ती हैं।
दोनों कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को संभालती है, लेकिन बेहतर लेखन के साथ उनके किरदार और ज्यादा मजबूत हो सकते थे।
कोर्टरूम ड्रामा में दिखी कमी
फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसका कोर्टरूम ड्रामा है, जहां कहानी को अपने चरम पर पहुंचना था। हालांकि, यही हिस्सा दर्शकों को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाता।
कोर्ट के दृश्यों में वह तनाव और प्रभाव देखने को नहीं मिलता जिसकी एक दमदार कानूनी ड्रामा से उम्मीद की जाती है।




