तेलंगाना अस्पताल में आग से तीन नवजात की मौत
तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी RIMS अस्पताल में आग लगने की घटना सामने आई है। हादसा अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट यानी SNCU में हुआ, जहां नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। आग की इस घटना में तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई।
घटना के समय SNCU वार्ड में कुल 27 नवजात बच्चे भर्ती बताए गए हैं। आग लगने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची।
हादसे के बाद आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी में AC में तकनीकी खराबी या उसके फटने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
SNCU वार्ड में भर्ती थे 27 नवजात
जिस वार्ड में आग लगी, वहां बेहद छोटे बच्चों का इलाज किया जा रहा था। SNCU यानी Special Newborn Care Unit में ऐसे नवजात बच्चों को रखा जाता है जिन्हें जन्म के बाद विशेष निगरानी और चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है।
घटना के समय वार्ड में 27 बच्चे भर्ती थे। आग लगने के बाद सबसे बड़ी चुनौती इन बच्चों को सुरक्षित निकालना थी। अस्पताल के स्टाफ ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और बच्चों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया।
तीन नवजात बच्चों की मौत की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हादसे के बाद अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
AC में खराबी की आशंका
आग लगने के शुरुआती कारणों को लेकर AC में खराबी या उसके फटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि यह अभी जांच का विषय है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अस्पताल में आग लगने की घटनाओं में शॉर्ट सर्किट, बिजली के उपकरणों में खराबी, ऑक्सीजन सिस्टम और अन्य तकनीकी कारणों की जांच की जाती है। इस मामले में भी संबंधित एजेंसियां आग के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आग किस वजह से लगी और क्या अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी थी।
अस्पताल की फायर सेफ्टी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पतालों में फायर सेफ्टी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। अस्पतालों में नवजात, गंभीर मरीज और वेंटिलेटर पर मौजूद मरीजों को सामान्य स्थिति की तुलना में ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है।
ऐसे में अस्पतालों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, आग बुझाने के उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
खासकर NICU और SNCU जैसे वार्डों में सुरक्षा व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वहां भर्ती नवजात खुद किसी आपात स्थिति से बाहर निकलने में सक्षम नहीं होते।
इस साल अस्पतालों में आग की कई घटनाएं
अस्पताल में आग लगने की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब इस साल देश के अलग-अलग हिस्सों में अस्पतालों में आग लगने की कई घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल ऐसी छह घटनाओं में कुल 25 लोगों की मौत हुई है। इन घटनाओं ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि अलग-अलग घटनाओं के कारण अलग हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक मामले की जांच के आधार पर ही जिम्मेदारी और लापरवाही को लेकर निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।



