स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचा हिंदू रक्षा दल, FIR को बताया गलत
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता से मारपीट के मामले को लेकर दिल्ली में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज FIR को गलत बताया और दावा किया कि मामले में उन पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में थाने पहुंचा हिंदू रक्षा दल
हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामला सही तथ्यों पर आधारित नहीं है। संगठन ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर उनकी आपत्ति है और इसी के विरोध में वे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे।
यह मामला अब सिर्फ मारपीट के आरोप तक सीमित नहीं रहा है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए दावों, नई शिकायत और अलग-अलग धाराओं के जुड़ने के कारण विवाद और बढ़ गया है।
23 जून को जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
मामले की शुरुआत 23 जून 2026 की शाम जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्यक्ति अपनी 14 साल की बेटी के साथ प्रदर्शन स्थल पर मौजूद था और मोबाइल से वीडियो बना रहा था। इसी दौरान कुछ युवकों के साथ उसकी कहासुनी हुई।
आरोप है कि इसके बाद दो-तीन युवकों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। उसके सिर पर घूंसे मारने और लोहे के कड़े जैसी किसी ठोस चीज से वार करने का भी आरोप लगाया गया। चोट लगने के बाद उसे RML अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में सिर पर दो कटे हुए घाव पाए गए।
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पहले से दर्ज है FIR
पीड़ित की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 62/2026 दर्ज की गई थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) लगाई गई थीं। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को नामजद किया गया था।
इसके बाद एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप भी सामने आई, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से कथित तौर पर घटना में मारपीट करने की बात कही गई थी। इस क्लिप के सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया।
नाबालिग की शिकायत के बाद POCSO के तहत नई FIR
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब नाबालिग की ओर से सोशल मीडिया पर धमकियां मिलने की शिकायत की गई। शिकायत में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम भी शामिल था। इसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत नई FIR दर्ज की।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नाबालिग को सोशल मीडिया पर धमकी किसने दी। जांच के दौरान जिस भी व्यक्ति की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।



