कप्तानी जाने पर पहली बार बोले सूर्यकुमार यादव, बताया पूरा दर्द
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली बार कप्तानी से हटाए जाने को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कप्तानी जाने के बाद करीब डेढ़ महीने तक वह इस बारे में सोचते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। सूर्यकुमार को उम्मीद थी कि वह लॉस एंजिल्स ओलिंपिक दो हजार अट्ठाईस और अगले टी-20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे।
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान सूर्यकुमार यादव ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि टीम की कप्तानी और फिर टीम से बाहर किए जाने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था।
डेढ़ महीने तक सोचते रहे सूर्यकुमार
सूर्यकुमार ने कहा कि कप्तानी से हटाए जाने के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर सोचते रहे कि ऐसा कैसे हो सकता है। उन्हें उम्मीद थी कि टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद वह आगे भी टीम की कमान संभालेंगे।
हालांकि, चयनकर्ताओं ने बाद में उन्हें कप्तानी से हटाकर श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया। इतना ही नहीं, सूर्यकुमार को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टीम में भी जगह नहीं मिली।
सिलेक्टर्स ने फोन पर दी थी जानकारी
सूर्यकुमार ने बताया कि टीम की घोषणा से करीब तीन दिन पहले चयन समिति ने उनसे फोन पर बात की थी। उन्हें बताया गया कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए उनका नाम टीम में नहीं होगा और अब आगे बढ़ने का समय है।
सूर्यकुमार ने कहा कि उन्होंने इस फैसले पर कोई बड़ा रिएक्शन नहीं दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि इसमें उनकी गलती नहीं थी। उन्होंने चयनकर्ताओं से कहा कि अगर टीम के लिए यही फैसला बेहतर है तो वह इसे स्वीकार करते हैं और क्रिकेट खेलते रहेंगे।
खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर समझा फैसला
सूर्यकुमार ने बताया कि टीम से बाहर किए जाने के बाद उन्होंने खुद को चयनकर्ताओं की जगह रखकर सोचने की कोशिश की। उन्होंने समझने की कोशिश की कि आखिर चयनकर्ता उनसे आगे बढ़कर भविष्य के लिए नई टीम क्यों तैयार करना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि टीम में अपना नाम नहीं होने पर उन्होंने मुस्कुराने की कोशिश की और मैच के दौरान दबाव की स्थिति में खुद को शांत रखने पर ध्यान दिया। उन्होंने अपने करियर में मिले मौकों के लिए भी आभार जताया।



