बजट घोषणा के अनुसार शुगर मिल के संचालन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग को लेकर किसानों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। केशोरायपाटन शुगर मिल संयुक्त किसान समन्वय के प्रतिनिधि नवीन श्रृंगी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई बजट घोषणा के बावजूद अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं होने से किसानों में नाराजगी है।
इसी के तहत क्षेत्र में किसान जागृति यात्रा की शुरुआत खेड़ा माता मंदिर, भवानीपुरा से की गई। युवा किसान नेता गिर्राज गौतम के नेतृत्व में शुरू हुई यह यात्रा एक महीने तक विभिन्न गांवों में पहुंचेगी, जहां किसानों के साथ चोपाल आयोजित कर उन्हें जागरूक किया जाएगा।
यात्रा के पहले दिन भवानीपुर, विजयनगर और गुड़ली गांवों में चोपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता दशरथ कुमार ने की। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि किसान अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों, अन्यथा पूंजीवादी व्यवस्था उन्हें कमजोर कर देगी।
किसान नेता रामगोपाल मीणा और सूरजमल नागर ने कहा कि किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सालभर संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन जिम्मेदार लोग उनकी अनदेखी करते हैं। ऐसे में किसानों को जागरूक होकर एकजुट होना जरूरी है।
युवा किसान नेता गिर्राज गौतम ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक शुगर मिल की चिमनी से धुआं नहीं उठेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मिल का संचालन क्षेत्र के किसानों और युवाओं के जीवन स्तर को सुधारने के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि एक महीने की यात्रा के बाद 5 जून को आडा गैला बालाजी मंदिर पर 100 गांवों की संयुक्त चोपाल आयोजित की जाएगी। यदि सरकार ने तब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो किसान बड़ा निर्णय लेने के लिए मजबूर होंगे।
इस दौरान किसान नेता चंद्र मालव, भंवर लाल चौधरी, राजेंद्र मीणा, पावन मीणा, तुलसीराम गुर्जर, दिनेश नागर, श्याम खटाना, नंद किशोर मीणा, नरेंद्र योगी, लोकेश गौतम, गुरबेज सिंह, दीनदयाल मालव सहित कई किसानों ने अपने विचार रखे।




