टोडारायसिंह उपखंड क्षेत्र के बोटून्दा ग्राम में परम पवित्र पुरुषोत्तम मास के अवसर पर श्री सीताराम जी महाराज की पावन सन्निधि में आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय दिव्य श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस पर कथा व्यास सुश्री अवनी किशोरी ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग, 16 हजार 108 विवाहों की कथा, प्रद्युम्न जन्म, राजा नृग और सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा के दौरान अवनी किशोरी जी ने कहा कि भगवान ही जीव के सच्चे मित्र हैं। सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की मित्रता से सच्ची मित्रता का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि राजा नृग की कथा से यह शिक्षा मिलती है कि एक छोटा अपराध भी जीव के पतन का कारण बन सकता है, इसलिए मनुष्य को सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए और भगवान की शरण में रहना चाहिए।
कथा में सुदामा चरित्र की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई, जिसका श्रद्धालुओं ने पूजन किया। मधुर भजनों और संगीत पर श्रद्धालु झूमते नजर आए तथा पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
इस अवसर पर शिवजी राम शर्मा, हनुमान प्रसाद शर्मा, सियाराम शर्मा, रामदयाल प्रजापति, पूर्व सरपंच जगमोहन विजय, जगदीश प्रसाद उपाध्याय, रूपनारायण शर्मा, भैरूलाल तिवाड़ी, बालूराम पुरोहित, सत्यनारायण सैन, कन्हैयालाल शर्मा, प्रहलाद पंडा, पूर्व सरपंच सत्यनारायण गुर्जर, मोतीलाल तिवारी, कन्हैयालाल गुर्जर, ओमप्रकाश शर्मा, घासीलाल प्रजापति तथा छोटूराम प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं माताएं उपस्थित रहीं।
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