जिला अस्पताल में एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है, जहां फाजिल्का निवासी सागर के कंधे की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। मरीज लंबे समय से दाएं कंधे के बार-बार उतरने (रीकरेंट शोल्डर डिसलोकेशन) की समस्या से जूझ रहा था, जिससे उसके दैनिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।
बेहतर उपचार की तलाश में सागर ने जिला अस्पताल में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. सुमित पेंसिया से संपर्क किया। विस्तृत जांच के बाद डॉक्टर ने मरीज की स्थिति को देखते हुए लटार्जेट (Latarjet) प्रोसीजर की सलाह दी, जो कंधे की स्थिरता बहाल करने के लिए एक जटिल और तकनीकी सर्जरी मानी जाती है।
गत गुरुवार को इस सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम ने उच्च स्तर की सर्जिकल दक्षता का प्रदर्शन किया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, वह जल्द ही सामान्य जीवन में लौट सकेगा।
इस ऑपरेशन में डॉ. सुमित पेंसिया के नेतृत्व में डॉ. सुनील भाटीवाल, डॉ. सतीश वर्मा और डॉ. सुखदेव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नर्सिंग ऑफिसर मनीष शर्मा और सहायक कर्मचारी रजनीश का सहयोग भी सराहनीय रहा। टीम के समन्वित प्रयासों से यह जटिल सर्जरी बिना किसी जटिलता के पूरी की गई।
पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय में इस प्रकार की सर्जरी का सफल होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की उन्नत सर्जिकल प्रक्रियाओं का जिला अस्पताल में सफल होना क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ होने का संकेत है। यह उपलब्धि भविष्य में अन्य जटिल सर्जरी के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगी।




