नशे के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार होगा, विभाग आपसी समन्वय से करें कार्रवाई
जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर (NCORD) तंत्र की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा संचालित “नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान” के तहत अवैध मादक पदार्थों के कारोबारियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने औषधि नियंत्रक विभाग को निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोर्स पर बिकने वाली संवेदनशील एवं नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाओं की नियमित जांच की जाए। मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टरों तथा बिक्री रिकॉर्ड का समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। आबादी क्षेत्र से दूर संचालित मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच कर किसी भी अनियमितता पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि प्रतिबंधित दवाओं की सूची एवं नियमों की जानकारी फार्मासिस्टों और दवा विक्रेताओं तक समय पर पहुंचाना आवश्यक है ताकि ऐसी दवाओं की अवैध बिक्री रोकी जा सके। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों एवं संबंधित संस्थानों के रिकॉर्ड का नियमित सत्यापन और मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और औषधि नियंत्रक विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करते हुए बाहरी राज्यों से होने वाली प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को पुलिस-प्रशासन तक पहुंचाएं। जिला पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 8764513201 तथा जिला प्रशासन की हेल्पलाइन 9351504313 पर सूचना देकर नागरिक इस अभियान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं नशे से संबंधित मानसिक या व्यवहारिक समस्याओं के लिए टेली मानस हेल्पलाइन 1800-89-14416 एवं 14416 पर निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।
जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से होने वाली अवैध गतिविधियों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी व्यापक स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।




