नवजात के गले में लिपटे थे 6 गर्भनाल, जच्चा-बच्चा सुरक्षित
श्रीगंगानगर के राजकीय जिला चिकित्सालय में चिकित्सा विशेषज्ञों और स्टाफ की टीम ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से एक अत्यंत जटिल ऑपरेशन डिलीवरी को सफलतापूर्वक संपन्न कर नई मिसाल पेश की है। चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति अरोड़ा, निश्चेतन विशेषज्ञ डॉ. सुमित्रा भादू और पीडियाट्रिशियन डॉ. परमेश्वर व डॉ. नीतू की टीम ने चुनौतीपूर्ण सिजेरियन (C-Section) ऑपरेशन कर नवजात और प्रसूता दोनों की जान बचाई।
इस ऑपरेशन में नर्सिंग ऑफिसर कुलदीप सिंह मान, साहिल, कमल शर्मा तथा सहायक कर्मी इंद्रपाल और रजनीश ने भी अहम भूमिका निभाई।
डॉक्टरों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान यह देखकर सभी हैरान रह गए कि नवजात शिशु के गले में गर्भनाल (Umbilical Cord) के एक या दो नहीं बल्कि पूरे छह घेरे लिपटे हुए थे। मेडिकल साइंस में छह बार गर्भनाल का लिपटा होना बेहद दुर्लभ और जोखिम भरी स्थिति मानी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में सामान्य प्रसव के दौरान बच्चे की सांस और हृदय गति रुकने का गंभीर खतरा हो सकता था। लेकिन चिकित्सकों के अनुभव और पूरी टीम के बेहतर समन्वय से सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस सफल ऑपरेशन को लेकर अस्पताल स्टाफ और परिजनों में खुशी का माहौल है।
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