श्री गंगानगर | संवाददाता साहब राम
राजकीय चिकित्सालय के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने दिया 26 सप्ताह, 600 ग्राम की नन्ही परी को जीवनदान
श्रीगंगानगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज और संबद्ध चिकित्सालय के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साझा संकल्प ने एक असंभव को संभव कर दिखाया है। प्रिंसिपल डॉ. पी.के. बरवाल के कुशल मार्गदर्शन, PMO डॉ. सुखपाल सिंह बराड के प्रशासनिक सहयोग और शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पल्लवी बंसल के नेतृत्व में मात्र 600 ग्राम वजन की एक नन्ही बच्ची को 70 दिनों के कड़े संघर्ष के बाद सुरक्षित बचा लिया गया।
यह बच्ची महज 26 सप्ताह (करीब 6 महीने) के गर्भकाल के बाद पैदा हुई थी, जिसे चिकित्सा विज्ञान में बचा पाना एक बड़ी चुनौती माना जाता है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग टीम का अतुलनीय तालमेल
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ का अद्भुत तालमेल रहा। विभागाध्यक्ष डॉ. पल्लवी बंसल के साथ डॉ. संजय राठी और डॉ. पवन गोयल की विशेषज्ञ टीम ने दिन-रात एक कर बच्ची को रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस (सांस की तकलीफ), नेक्रोटाइजिंग एंटरोकोलाइटिस (आंतों का गंभीर संक्रमण), पीलिया और शॉक जैसी जानलेवा स्थितियों से बाहर निकाला।
वहीं इस उपचार को सफल बनाने का श्रेय पूरी SNCU नर्सिंग टीम को जाता है, जिसका नेतृत्व वार्ड इंचार्ज गुरप्रेम सिंह ने किया। उनके साथ टीम के सदस्य विनोद कुमार, प्रमिला, महेंद्र कुमार, सुनीता मार्टिन, मुनेश और संतोष ने 70 दिनों तक लगातार 24 घंटे बच्ची की निगरानी की।
टीम के अटूट धैर्य और सेवा भाव की बदौलत बच्ची का वजन 600 ग्राम से बढ़कर अब 1200 ग्राम हो गया है।
विजयनगर के माता-पिता को मिली नई उम्मीद
यह बच्ची वार्ड नंबर 7, गोल्डन सिटी, विजयनगर निवासी माता रेखा और पिता मुकेश (पुत्र करश्मीरी लाल कइन्थ) की सुपुत्री है। इतनी कम अवधि और कम वजन में जन्म लेने के कारण बच्ची को बचाना बेहद कठिन माना जा रहा था।
इस उपलब्धि ने पूरे श्रीगंगानगर क्षेत्र में सरकारी चिकित्सा संस्थानों के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। प्रिंसिपल डॉ. पी.के. बरवाल, PMO डॉ. सुखपाल सिंह बराड और HOD डॉ. पल्लवी बंसल के नेतृत्व में इस टीम ने साबित कर दिया कि




