मोरक्को से हजारों प्रवासी पहुंचे सेउटा, यूरोप में बढ़ी चिंता
स्पेन और मोरक्को की सीमा पर अचानक खड़े हुए प्रवासी संकट ने पूरे यूरोप का ध्यान खींच लिया है। मोरक्को से हजारों प्रवासियों के स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र सेउटा में पहुंचने के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। भारी संख्या में लोगों के एक साथ सीमा पार करने से सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया और प्रशासन के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो गया।
इस अफरा-तफरी के दौरान कम से कम 9 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जिसके बाद स्पेन सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सीमा पर सेना तैनात करने का फैसला लिया है।
सेना और सिविल गार्ड संभालेंगे सीमा की सुरक्षा
स्थिति बिगड़ने के बाद सेउटा प्रशासन ने केंद्र सरकार से मदद मांगी। इसके बाद स्पेन सरकार ने सेना को मोर्चे पर उतारने का निर्णय लिया है। अब सेना, सिविल गार्ड के साथ मिलकर सीमा सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने का काम करेगी।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ (Pedro Sánchez) और गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का (Fernando Grande-Marlaska) भी हालात का जायजा लेने सेउटा पहुंच रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने से सीमा प्रबंधन व्यवस्था लगभग चरमरा गई है और भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बन गया है।
सेउटा में अचानक क्यों बढ़ा प्रवासी दबाव?
सेउटा स्पेन का एक छोटा स्वायत्त क्षेत्र है, जो उत्तरी अफ्रीका में मोरक्को की सीमा से लगा हुआ है। यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले कई प्रवासी इस क्षेत्र को प्रवेश द्वार के रूप में देखते हैं।
घटना के दौरान कई लोग समुद्र किनारे बने रास्तों और अन्य मार्गों से स्पेन की सीमा में प्रवेश करते दिखाई दिए। इनमें बड़ी संख्या युवाओं की थी, हालांकि महिलाओं और बच्चों वाले परिवार भी मौजूद थे।
इटली ने शेंगेन व्यवस्था पर दिए सख्त संकेत
इस संकट के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी प्रतिक्रिया दी है। मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सेउटा से सामने आई तस्वीरें यह दिखाती हैं कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर इटली के गृह मंत्री मात्तेओ पियांतेदोसी (Matteo Piantedosi)




