अस्पताल से छुट्टी के बाद सोनम वांगचुक ने बताई अपनी अगली योजना
नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। लंबे समय तक चले अनशन और इलाज के बाद अब उन्होंने अपनी अगली योजना का खुलासा किया है। सोनम वांगचुक ने बताया कि घर लौटने से पहले वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट जाएंगे। इसके बाद वह अपने घर और फिर पहाड़ों की ओर लौटेंगे।
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद शेयर किया वीडियो
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद एक वीडियो संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि आखिरकार वह दिन आ गया है, जब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल रही है। उन्होंने बताया कि अब वह पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और धीरे-धीरे उनके शरीर में ताकत लौट रही है।
वांगचुक ने कहा कि अस्पताल से निकलने के बाद और घर जाने से पहले वह राजघाट जाएंगे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उन्होंने अपने आंदोलन के दौरान भी गांधीजी के विचारों और अहिंसक संघर्ष का जिक्र किया था।
राजघाट से जुड़ी पुरानी याद भी की साझा
सोनम वांगचुक ने राजघाट जाने की योजना बताते हुए अपने आंदोलन के शुरुआती दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब वह स्विट्जरलैंड से भारत लौटे थे और अनशन शुरू करने वाले थे, तब भी उन्होंने जंतर-मंतर जाने से पहले राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी थी।
अब अस्पताल से बाहर आने के बाद एक बार फिर राजघाट जाने का फैसला उनके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद वह लद्दाख स्थित अपने घर और पहाड़ों की ओर लौटेंगे।
कई दिनों तक अनशन पर रहे थे वांगचुक
सोनम वांगचुक 28 जून को छात्रों के आंदोलन में शामिल हुए थे और इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक अनशन किया। करीब 26 दिनों तक चले अनशन के बाद उनकी सेहत पर असर पड़ा और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 18 जुलाई को उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
लंबे समय तक खाना न खाने के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती किए जाने के दौरान कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं को लेकर उनकी निगरानी की जा रही थी।
समर्थकों और डॉक्टरों का जताया आभार
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों और डॉक्टरों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान देशभर के लोगों ने उनकी आवाज में आवाज मिलाई और उनके समर्थन में खड़े रहे।
उन्होंने मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का भी आभार जताया। वांगचुक ने कहा कि अस्पताल की टीम ने उनकी देखभाल की और उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




