सोनम वांगचुक का 26 दिन का अनशन खत्म, अब CJP के रुख पर नजर; सरकार से आज होगी अहम वार्ता
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। केंद्र सरकार की ओर से बातचीत का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस घटनाक्रम के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी अपने आंदोलन को लेकर नरम रुख अपनाएगी। शुक्रवार दोपहर CJP के प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के बीच महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है।
दिल्ली सहित देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच दोपहर 12:30 बजे CJP का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मुलाकात करेगा। पार्टी की मांग पर सरकार ने सरकारी कार्यालय के बजाय न्यूट्रल स्थान पर बातचीत के लिए सहमति दी है।
सरकार ने न्यूट्रल स्थान पर बातचीत को दी मंजूरी
CJP प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा कि सरकार ने उनकी न्यूट्रल स्थान पर वार्ता की मांग स्वीकार कर ली है। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल अपनी चार प्रमुख मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखेगा और इन मांगों पर पार्टी पहले दिन से कायम है।
वहीं, CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने स्पष्ट किया कि केवल बातचीत शुरू होने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा, "जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार ने बातचीत का हमारा अनुरोध स्वीकार किया है, इससे हम खुश हैं। हमने बातचीत के लिए कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना है।"
CJP की चार प्रमुख मांगें
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा।
निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं।
प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बर्बरता करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए।




