SMS अस्पताल में निजी हेल्थ इंश्योरेंस मरीजों को मिलेगा इलाज का विकल्प
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में अब निजी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी वाले मरीज भी अपनी बीमा पॉलिसी के कवरेज के अनुसार इलाज करा सकेंगे। राज्य सरकार की अनुमति के बाद अस्पताल प्रशासन ने इस नई व्यवस्था को लागू करने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए कई निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से बातचीत की जा रही है।
निजी बीमा मरीजों के लिए कैसे काम करेगा नया मॉडल
नए मॉडल के तहत निजी हेल्थ इंश्योरेंस वाले मरीजों के लिए अस्पताल में अलग व्यवस्था विकसित की जाएगी। मरीज अपनी बीमा पॉलिसी के तहत SMS अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा सकेंगे। मरीज के भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज तक बीमा संबंधी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए इंश्योरेंस हेल्प डेस्क या टीपीए डेस्क बनाया जाएगा।
इलाज पूरा होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित बीमा कंपनी अस्पताल को उपचार का भुगतान करेगी। इस व्यवस्था से मरीज को अपने इंश्योरेंस कवर का लाभ मिलेगा और अस्पताल को निजी बीमा कंपनियों से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
बीमा कंपनियों के साथ तय होंगे इलाज के पैकेज
अस्पताल प्रशासन निजी मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों की तर्ज पर अलग-अलग बीमारियों और सर्जरी के लिए उपचार पैकेज निर्धारित करने की तैयारी में है। इन पैकेज में डॉक्टर की फीस, आवश्यक जांच, सर्जरी, वार्ड और कमरे से जुड़े शुल्क शामिल किए जा सकते हैं।
आईपीडी में परामर्श के लिए जनरल फिजिशियन, स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की फीस भी निर्धारित की जाएगी। पैकेज की दरें तय करते समय सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी CGHS की दरों को आधार बनाने पर विचार किया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि निजी अस्पतालों की तुलना में इन पैकेज की लागत कम रखी जाए, ताकि मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं अपेक्षाकृत कम खर्च में उपलब्ध हो सकें।
क्या सरकारी योजनाओं के मरीजों पर पड़ेगा असर?
SMS अस्पताल प्रशासन के अनुसार निजी हेल्थ इंश्योरेंस वाले मरीजों के लिए अलग व्यवस्था विकसित करने का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले मुफ्त या कैशलेस इलाज को प्रभावित करना नहीं है।
सरकारी योजनाओं के पात्र मरीजों को पहले की तरह निर्धारित नियमों के अनुसार मुफ्त या कैशलेस उपचार मिलता रहेगा। निजी बीमा वाले मरीजों के लिए अलग व्यवस्था होने से दोनों तरह के मरीजों के उपचार की प्रक्रिया को अलग-अलग तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
IPD टावर में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
SMS अस्पताल में 24 मंजिला IPD टावर का निर्माण चल रहा है। इस टावर में अत्याधुनिक वार्ड, आईसीयू और मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। निजी हेल्थ इंश्योरेंस वाले मरीजों के लिए भी अस्पताल की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार इन सुविधाओं का उपयोग किया जा सकेगा।
SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार अस्पताल में ऐसे मरीज पहले से आते हैं, जिनके पास निजी स्वास्थ्य बीमा होता है। वर्तमान व्यवस्था में इनमें से कई मरीज सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त इलाज करा लेते हैं। ऐसे में उनकी निजी बीमा पॉलिसी का इस्तेमाल नहीं हो पाता और अस्पताल को भी निजी बीमा से भुगतान नहीं मिल पाता।
नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे मरीजों को उनकी बीमा पॉलिसी के अनुसार SMS अस्पताल में इलाज का विकल्प उपलब्ध कराना है।
अस्पताल को मिलेगा अतिरिक्त राजस्व
निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से मिलने वाला भुगतान SMS अस्पताल के लिए अतिरिक्त राजस्व का स्रोत बन सकता है। इस राशि का इस्तेमाल अस्पताल के रखरखाव, चिकित्सा उपकरणों, उपचार सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में किया जा सकेगा।



