जयपुर SMS अस्पताल में ENT वार्ड का पंखा गिरने से महिला घायल, एम्बुलेंस में देरी और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल यानी SMS हॉस्पिटल में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। चरक भवन के ENT वार्ड में अचानक छत का पंखा गिरने से एक महिला घायल हो गई। महिला अपनी बहन से मिलने अस्पताल पहुंची थी और वार्ड में मरीज के बेड के पास बैठी थी। इसी दौरान पंखा उसके सिर पर आ गिरा।
हादसे के बाद महिला के सिर से खून बहने लगा और वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों के मुताबिक, घायल महिला को इलाज के लिए करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद एम्बुलेंस पहुंची और उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
पंखा गिरने से सिर में लगे 12 से ज्यादा टांके
घायल महिला की पहचान 59 वर्षीय रेणु के रूप में हुई है, जो करौली की रहने वाली बताई जा रही है। वह अपनी बहन संतोष से मिलने SMS अस्पताल के चरक भवन स्थित ENT वार्ड पहुंची थी। संतोष का कान का ऑपरेशन हुआ था।
रेणु वार्ड में अपनी बहन के बेड के पास टेबल पर बैठी थी। इसी दौरान छत का पंखा अचानक नीचे गिर गया और सीधे उसके सिर पर जा लगा। हादसे के बाद परिजन घबरा गए और तत्काल इलाज की मांग करने लगे।
ट्रॉमा सेंटर में महिला के सिर पर 12 से ज्यादा टांके लगाए गए। इलाज के बाद उसे भर्ती करने के बजाय वापस चरक भवन भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि मेडिसिन विभाग में भर्ती कराने की सिफारिश के बावजूद महिला को वहां भर्ती नहीं किया गया।
एम्बुलेंस के लिए करना पड़ा इंतजार
हादसे के बाद शुरुआती 10 से 15 मिनट तक महिला के परिजन मौके पर इलाज का इंतजार करते रहे। इसके बाद वार्ड में मौजूद नर्सिंग कर्मचारियों ने एम्बुलेंस बुलाई। करीब आधे घंटे बाद एम्बुलेंस पहुंची और घायल महिला को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
ट्रॉमा सेंटर में इलाज के बाद महिला को वापस चरक भवन भेज दिया गया। परिजनों को मेडिसिन विभाग के डॉक्टर द्वारा जांच किए जाने और आगे के इलाज का भरोसा दिया गया। हालांकि, मंगलवार सुबह 11 बजे तक डॉक्टर के महिला को देखने नहीं आने की बात सामने आई है।
हॉस्पिटल की मेंटेनेंस व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने SMS अस्पताल की इलेक्ट्रिकल और मेंटेनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में लगे पंखों और दूसरे इलेक्ट्रिकल उपकरणों की नियमित जांच और सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर पंखे की समय पर जांच और मेंटेनेंस होता तो क्या यह हादसा टाला जा सकता था?
घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारी भी सवालों से बचते नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित जेईएन शक्ति सिंह से मामले को लेकर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने जवाब देने से परहेज किया।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हादसे
SMS अस्पताल में यह पहला मामला नहीं है जब अस्पताल की इमारत या उसके उपकरणों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हों। मई 2025 में SMS अस्पताल की मेन बिल्डिंग के सर्जरी विभाग के वार्ड में छत का प्लास्टर और मलबा गिरने से दो मरीज घायल हुए थे।



