नौकरी जॉइन करने पहुंचे कर्मचारी, पहले दिन ही शुरू हो गया विरोध
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल यानी SMS हॉस्पिटल से कर्मचारियों के विरोध का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि जिन कर्मचारियों को नई पोस्टिंग मिली थी, उन्होंने नौकरी जॉइन करने के पहले ही दिन धरना शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक करीब 50 कर्मचारी SMS हॉस्पिटल में पोस्टिंग मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन ड्यूटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कर्मचारियों ने वार्ड बॉय के तौर पर काम करने से इनकार कर दिया और अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए।
मामले ने अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों के बीच ड्यूटी से जुड़े विवाद को सामने ला दिया है।
कर्मचारियों ने वार्ड बॉय का काम करने से किया इनकार
कर्मचारियों की मुख्य आपत्ति वार्ड बॉय की ड्यूटी को लेकर बताई जा रही है। पोस्टिंग मिलने के बाद जब उन्हें अस्पताल में काम सौंपा गया तो कर्मचारियों ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि जिस पद पर उनकी नियुक्ति या पोस्टिंग हुई है, उसके अनुसार ही उनसे काम लिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने विरोध शुरू किया।
नौकरी के पहले ही दिन धरना शुरू होने से अस्पताल प्रशासन के सामने भी स्थिति को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई।
50 कर्मचारियों के धरने से उठा ड्यूटी का सवाल
यह मामला सिर्फ कर्मचारियों के धरने तक सीमित नहीं है। इसके साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि नई नियुक्ति या पोस्टिंग के समय कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों और ड्यूटी के बारे में कितनी स्पष्ट जानकारी दी गई थी?
अगर कर्मचारियों को पहले से बताया गया था कि उन्हें अस्पताल में किस तरह की जिम्मेदारी निभानी होगी, तो फिर जॉइनिंग के दिन ही विरोध की स्थिति क्यों बनी?
वहीं अगर कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति के पद से अलग जिम्मेदारी दी जा रही थी, तो प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना होगा कि आखिर ऐसा क्यों किया गया।
अस्पताल में कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम
SMS हॉस्पिटल राजस्थान का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल की व्यवस्था को सुचारू रखने में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
वार्ड में मरीजों की देखभाल और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग स्तर पर कर्मचारी तैनात रहते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर पैदा हुआ विवाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी असर डाल सकता है।
हालांकि, इस मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि कर्मचारियों और अस्पताल प्रशासन के बीच बातचीत से विवाद का समाधान निकले, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।
आखिर कर्मचारियों की आपत्ति क्या है?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल कर्मचारियों की मांग को लेकर है। कर्मचारी आखिर किस पद पर नियुक्त हुए हैं और उन्हें किस काम की जिम्मेदारी दी गई है, यह विवाद का मुख्य बिंदु है।
कर्मचारियों का विरोध इस बात को लेकर है कि उन्हें वार्ड बॉय का काम नहीं करना है। ऐसे में प्रशासन के सामने यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि कर्मचारियों की नियुक्ति किन पदों पर हुई और उनकी ड्यूटी किस नियम के तहत तय की गई है।
अगर कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति के अनुरूप काम दिया जा रहा है, तो उन्हें ड्यूटी जॉइन करनी चाहिए। वहीं अगर ड्यूटी में कोई बदलाव किया गया है, तो प्रशासन को कर्मचारियों की आपत्ति सुनकर स्थिति साफ करनी चाहिए।
नौकरी के पहले दिन धरना क्यों बना चर्चा का विषय?
आमतौर पर नई नौकरी मिलने के बाद कर्मचारी जॉइनिंग और काम शुरू करने पर ध्यान देते हैं। लेकिन SMS हॉस्पिटल में जॉइनिंग के पहले ही दिन करीब 50 कर्मचारियों का धरने पर बैठना अपने आप में चर्चा का विषय



