बीजेपी ने SIR प्रक्रिया पर क्यों उठाए सवाल?
वोटर लिस्ट की जांच को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। चुनाव आयोग की ओर से कई राज्यों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। जहां चुनाव आयोग इसे मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बता रहा है, वहीं राजनीतिक दल इसे लेकर अपने-अपने आरोप और दावे कर रहे हैं।
देश के कई राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी है। इनमें पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे अहम राज्य शामिल हैं, जहां फिलहाल बीजेपी सत्ता में नहीं है। बीजेपी ने इन राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कुछ जगहों पर इसका इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से नहीं किया जा रहा।
बीजेपी का आरोप है कि SIR के नाम पर कुछ राज्यों में सरकारी योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है और लोगों से अतिरिक्त जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। खासतौर पर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार को लेकर बीजेपी ने कई सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर पूरी पारदर्शिता जरूरी है।
वहीं, विपक्ष भी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी चिंताएं जाहिर करता रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि वोटर लिस्ट से जुड़े किसी भी बदलाव में निष्पक्षता और पारदर्शिता सबसे अहम होनी चाहिए।
SIR प्रक्रिया को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकता है।




