श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
सोयत कला में भक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालु, कथा पांडाल में गूंजे जयकारे
अधिक मास पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा बेला के शुभ अवसर पर सोयत कला में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ के चौथे दिवस श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नगरवासियों एवं दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
राठौर धर्मशाला, सोयत कला में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में व्यासपीठ पर विराजित कथा वाचक पंडित श्री बद्री प्रसाद वशिष्ठ आचार्य ने अपने श्रीमुख से भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का महत्व बताया।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला और गोवर्धन पूजा से जुड़ी पौराणिक कथाओं का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति रस में डूबे नजर आए और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा पांडाल गूंज उठा।
कथा के उपरांत श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जन्मोत्सव के दौरान महिलाओं और मातृशक्ति ने भक्ति गीतों पर झूमकर नृत्य किया तथा भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां मनाईं। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
आयोजन में महाआरती का भी विशेष आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कथा पांडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त करते हुए कथा का श्रवण किया।
उल्लेखनीय है कि श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ का शुभारंभ 7 जून को भव्य जल कलश यात्रा एवं नगर भ्रमण के साथ हुआ था। आयोजन के तहत प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों और कथा प्रवचनों का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजन समिति के अनुसार श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ का समापन 13 जून शनिवार को अजय कुमार सूरत के उद्यापन, एक कुंडात्मक विष्णु यज्ञ एवं महाप्रसादी के साथ संपन्न होगा।
सोयत कला नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस धार्मिक आयोजन की लोकप्रियता और लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है।




