वामन अवतार, राम अवतार व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
उपखंड क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुरा धाकड़ान में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्म लाभ प्राप्त किया।
कथा वाचक पूज्य श्री बृजलाल महाराज (बीकानेर वाले) ने वामन अवतार, समुद्र मंथन, गजेंद्र मोक्ष, अजामिल उद्धार, भगवान श्रीराम जन्म तथा भगवान श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंगों का अत्यंत सरल, प्रेरणादायक और रोचक शैली में वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सत्कर्मों का महत्व समझाया।
महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि सच्ची भक्ति, अच्छे कर्म और भगवान पर अटूट विश्वास रखने वाला व्यक्ति जीवन की बड़ी से बड़ी कठिनाइयों को भी आसानी से पार कर सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान की शरण में आने से मनुष्य को मानसिक शांति, आत्मिक बल और जीवन में सही मार्गदर्शन प्राप्त होता है।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही पूरा पांडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया। श्रद्धालुओं ने जय श्रीकृष्ण और नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर नन्हे कान्हा की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आरती उतारी तथा भजनों पर झूमते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की। भक्ति गीतों और भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा स्थल पर दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रसार हो रहा है। कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।




