झालावाड़ जिले के बकानी क्षेत्र के ग्राम खाचरोद के शिक्षक एवं कवि शिवलाल दांगी ने एक वर्ष में 240 चालीसाओं की रचना कर एक अनूठा विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।
मई 2025 से अप्रैल 2026 की अवधि के दौरान उन्होंने लगातार विभिन्न विषयों पर चालीसाओं का सृजन किया, जो देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। इस दौरान उनके तीन चालीसा संग्रह “धरा से दिव्यता तक”, “भाव प्रकाश” और “अंतर्मन से अनंत तक” भी प्रकाशित हुए हैं।
शिवलाल दांगी द्वारा रचित चालीसाओं में लोक देवी-देवताओं, महापुरुषों, संतों, वैज्ञानिकों, शिक्षण विषयों, पारिवारिक मूल्यों, महिलाओं, धार्मिक ग्रंथों और समसामयिक विषयों को शामिल किया गया है।
उन्होंने रामदेव, देवनारायण, तेजाजी, गोगाजी, करणी माता जैसे लोक देवताओं से लेकर महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, एपीजे अब्दुल कलाम, स्वामी विवेकानंद और गुरु नानक देव जैसे महापुरुषों पर भी चालीसाएं लिखी हैं।
इसके अलावा विज्ञान, पर्यावरण, किसान, शिक्षक, योग, मोबाइल जैसे समसामयिक विषयों पर भी रचनाएं कर उन्होंने साहित्य को नया आयाम दिया है।
संत, महर्षि और साहित्यकारों पर आधारित बड़ी संख्या में चालीसाओं के साथ-साथ महिला प्रेरणाओं, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक विषयों पर भी उनका लेखन उल्लेखनीय रहा है।
शिवलाल दांगी की इस उपलब्धि की साहित्य जगत में व्यापक सराहना हो रही है और इसे एक अद्वितीय रचनात्मक उपलब्धि माना जा रहा है।
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