फडणवीस की कैबिनेट बैठक से शिंदे रहे गैरमौजूद
महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई, लेकिन इस बैठक में एकनाथ शिंदे मौजूद नहीं रहे। शिंदे के बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे। इसके बाद उनका अचानक दिल्ली रवाना होना चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, किसी भी राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह ध्यान रखना जरूरी है कि शिंदे की गैरमौजूदगी को लेकर सामने आई चर्चाएं और अटकलें अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याओं पर आधारित हैं। इसे सीधे तौर पर सरकार के भीतर मतभेद का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
कैबिनेट बैठक छोड़कर दिल्ली क्यों गए शिंदे?
एकनाथ शिंदे का दिल्ली दौरा ऐसे वक्त हुआ है, जब शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई जारी है। इसी मामले से जुड़ी सुनवाई को लेकर शिंदे दिल्ली पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके दौरे का संबंध इस मामले में आगे की रणनीति से भी जोड़ा जा रहा है।
शिवसेना के नाम और उसके चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के गुटों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस विवाद का राजनीतिक असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी दिखाई देता रहा है।
'धनुष-बाण' चुनाव चिन्ह को लेकर भी विवाद
शिवसेना के चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' को लेकर उद्धव ठाकरे गुट की ओर से इसे फ्रीज करने की मांग की गई है। दिल्ली पहुंचने के बाद एकनाथ शिंदे ने इस मांग को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और बालासाहेब ठाकरे से जुड़े इस चुनाव चिन्ह के महत्व पर अपनी बात रखी।
यह मामला सिर्फ चुनाव चिन्ह तक सीमित नहीं है, बल्कि शिवसेना की राजनीतिक पहचान और पार्टी पर अधिकार से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई दोनों गुटों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शिंदे के दिल्ली दौरे से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
शिंदे के अचानक दिल्ली जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। खास तौर पर फडणवीस की बैठक में उनकी गैरमौजूदगी और उसी दौरान दिल्ली दौरे ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी।
कुछ रिपोर्टों में उनके दौरे को फडणवीस सरकार के प्रति संभावित नाराजगी से जोड़कर भी देखा गया है, लेकिन इस तरह की अटकलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या महायुति में सबकुछ ठीक है?
महाराष्ट्र में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के बीच महायुति सरकार चल रही है। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं, जबकि एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री के पद पर हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच किसी भी सार्वजनिक दूरी को राजनीतिक नजरिए से देखा जाना स्वाभाविक है।
हालांकि, सिर्फ एक कैबिनेट बैठक में अनुपस्थिति और दिल्ली दौरे के आधार पर गठबंधन में किसी बड़े मतभेद का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। शिंदे के दिल्ली दौरे के पीछे सुप्रीम कोर्ट में चल रहे शिवसेना विवाद की सुनवाई एक प्रमुख वजह के तौर पर सामने आई है।



