राजस्थान के Seelore स्थित Shiloday Atishay Tirth Kshetra में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर Bhagwan Adinath की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल 108 कलशों से महामस्ताभिषेक के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा शांतिधारा का आयोजन किया गया। शांतिधारा का सौभाग्य नरेश गंगवाल (बड़े बाबा ट्रेडिंग कंपनी), मनोज कोटिया (अरिहंत रेडीमेड), पदमजी वकील, मनोहर लाल पाटनी और प्रकाश सेठिया (सांगोद) को प्राप्त हुआ।
दोपहर में विधानाचार्य मयंक जी शास्त्री के सानिध्य में संगीतमय भक्तामर महामंडल विधान विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर महिलाओं ने नृत्य के साथ धार्मिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के बाद श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया।
शीलोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष टीकम जैन ने बताया कि भगवान आदिनाथ, जिन्हें Rishabhdev भी कहा जाता है, जैन धर्म के पहले तीर्थंकर हैं। जैन परंपरा में उनका विशेष महत्व है क्योंकि उन्होंने मानव समाज को धर्म, संस्कृति और जीवन जीने की विधि का मार्ग दिखाया।
कमेटी के महामंत्री सुनील सेठिया ने बताया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म Ayodhya के राजा नाभिराय के घर चैत्र कृष्ण नवमी को हुआ था। इसी दिन को आदिनाथ जयंती के रूप में मनाया जाता है।
सायंकाल बेला में भक्तामर पाठ और महाआरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Bundi सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तीर्थ क्षेत्र में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
कार्यक्रम में शीलोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के कोषाध्यक्ष विमल पटवारी, नरेंद्र कोटिया, रमेश जैन, राजेंद्र छाबड़ा, मनोज सेठिया, सकल जैन समाज के अध्यक्ष महावीर धनोप्या, संजय जैन, अशोक जैन और सुनील हरसोरा सहित अनेक गणमान्य धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।




