सिंधु जल समझौते को लेकर भारत-पाकिस्तान में फिर तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच पानी का मुद्दा एक बार फिर गरमाता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अगर भारत ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोकने या उसके प्रवाह को कम करने की कोशिश की तो पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
शहबाज शरीफ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। सिंधु जल समझौता दोनों देशों के बीच लंबे समय से पानी के बंटवारे का आधार रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से इस समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद काफी बढ़ गए हैं।
कश्मीर पर भी पुराना रुख दोहराया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिर्फ पानी के मुद्दे पर ही बात नहीं की, बल्कि कश्मीर को लेकर भी पाकिस्तान का पुराना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।
शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भी तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जीत हासिल की। इस बयान के जरिए उन्होंने अपने देश की सैन्य नेतृत्व की भूमिका को भी प्रमुखता से सामने रखा।
ट्रंप को लेकर भी किया बड़ा दावा
शहबाज शरीफ ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप की पहल के कारण दोनों देशों के बीच युद्धविराम संभव हो सका था।
हालांकि, भारत की ओर से इस मामले में अलग रुख सामने आया था। भारत लगातार कहता रहा है कि युद्धविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत के बाद हुआ था। भारत ने किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के दावे को स्वीकार नहीं किया।
पहलगाम हमले के बाद बदले हालात
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते को लेकर मौजूदा विवाद की बड़ी वजह अप्रैल 2025 में हुआ पहलगाम आतंकी हमला भी है। हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला किया था।
भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और भरोसेमंद कार्रवाई नहीं करता, तब तक रिश्तों में सामान्य स्थिति बहाल करना मुश्किल है। वहीं पाकिस्तान लगातार सिंधु जल संधि को लेकर भारत के फैसले का विरोध करता रहा है।
क्या है सिंधु जल संधि?
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि हुई थी। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों के पानी का बंटवारा किया गया।




