43 साल बाद फिर दो फिल्मों में नजर आईं शबाना आजमी
बॉलीवुड में एक ऐसा संयोग सामने आया है, जिसने शबाना आजमी के फैंस को 43 साल पुरानी याद दिला दी है। दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी की दो अलग-अलग जॉनर की फिल्में 14 अगस्त 2026 को एक ही दिन सिनेमाघरों में रिलीज हुई हैं। ये फिल्में हैं ‘बंटवारा 1947’ और ‘आवारापन 2’। खास बात यह है कि उनके करियर में इससे पहले ऐसा ही संयोग साल 1983 में देखने को मिला था।
एक तरफ ‘बंटवारा 1947’ में शबाना आजमी गंभीर और भावनात्मक किरदार में दिखाई दे रही हैं, तो दूसरी तरफ ‘आवारापन 2’ में उनका बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिल रहा है। यानी एक ही दिन दर्शकों को अभिनेत्री की एक्टिंग के दो अलग-अलग रंग देखने का मौका मिल रहा है।
‘बंटवारा 1947’ में निभाया खास किरदार
‘बंटवारा 1947’ का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है। फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह अहम भूमिकाओं में हैं।
फिल्म की कहानी 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें उस दौर की घटनाओं और आम लोगों की जिंदगी पर पड़े असर को दिखाने की कोशिश की गई है।
फिल्म में शबाना आजमी एक हिंदू महिला के किरदार में नजर आ रही हैं। उनका किरदार पाकिस्तान में अपने घर और जमीन से जुड़ा हुआ है और वह अपना घर छोड़कर जाने के लिए तैयार नहीं हैं। फिल्म में उनका किरदार भावनात्मक कहानी को मजबूती देता है।
‘आवारापन 2’ में दिखा अलग अंदाज
वहीं, ‘आवारापन 2’ में शबाना आजमी का किरदार बिल्कुल अलग है। इमरान हाशमी और दिशा पाटनी स्टारर इस फिल्म में अभिनेत्री ने निगेटिव भूमिका निभाई है।
यानी एक ही दिन रिलीज हुई दोनों फिल्मों में शबाना आजमी की भूमिकाएं एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। यही वजह है कि 14 अगस्त उनके फिल्मी करियर के लिहाज से खास दिन बन गया है।
1983 में भी हुआ था ऐसा संयोग
शबाना आजमी ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके करियर में इससे पहले 1983 में भी उनकी दो फिल्में एक साथ रिलीज हुई थीं। अब करीब 43 साल बाद 2026 में फिर वही संयोग दोहराया गया है।
उन्होंने याद किया कि 1983 में उनकी दोनों फिल्मों को लेकर मीडिया में ज्यादा चर्चा नहीं थी। उस समय उन्हें अपनी दोनों फिल्मों के लिए बहुत कम कवरेज मिला था। अभिनेत्री के मुताबिक, दोनों फिल्मों को मिलाकर उन्हें 10 मिनट से भी कम का मीडिया कवरेज मिला था।




