बिना तय कार्यक्रम मिले मोदी-जिनपिंग, SCO में हाथ मिलाकर की बातचीत
बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संक्षिप्त मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत-चीन संबंधों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
ग्रुप फोटो के बाद हुई मोदी-जिनपिंग की मुलाकात
SCO समिट के दौरान राष्ट्राध्यक्षों की ग्रुप फोटो के बाद प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग आमने-सामने आए। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस मौके पर दोनों के बीच कोई औपचारिक द्विपक्षीय बैठक निर्धारित नहीं थी।
मोदी और जिनपिंग की यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों देशों के बीच सीमा और रणनीतिक मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों नेताओं का एक-दूसरे से मिलना कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने पर जोर
SCO मंच से प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता। भारत ने आतंकवाद के साथ-साथ आतंक की फंडिंग, भर्ती और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया है।
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह के दोहरे मापदंड को स्वीकार नहीं करने की बात कही। भारत लंबे समय से SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद, कट्टरपंथ और आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की मांग करता रहा है।
SCO में सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता अहम मुद्दे
बिश्केक में आयोजित SCO सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुखता से चर्चा में हैं। भारत की ओर से सुरक्षा को विकास और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए आतंकवाद के सभी रूपों से प्रभावी तरीके से निपटना जरूरी है। भारत का जोर आतंकवाद के साथ-साथ उसकी फंडिंग और कट्टरपंथी नेटवर्क पर कार्रवाई करने पर है।
अचानक आमने-सामने आए मोदी-जिनपिंग, हाथ मिलाया और हुई संक्षिप्त बातचीत
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई देशों के नेताओं से मुलाकात की। मोदी और पुतिन के बीच भी बातचीत हुई। वहीं सम्मेलन में ईरान सहित अन्य देशों के नेताओं के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।



