सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज, यात्रा मार्गों पर होगी लाइव मॉनिटरिंग; प्रतिबंधित प्लास्टिक पर चलेगा अभियान
नई दिल्ली।सावन माह और कांवड़ यात्रा को लेकर देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। लाखों शिवभक्तों के सुरक्षित, सुगम और स्वच्छ आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। इस बार कांवड़ यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी स्थान पर गंदगी या अव्यवस्था न रहे। इसके साथ ही प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के इस्तेमाल पर भी सख्ती बरती जाएगी और विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए नगर निकाय, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ यात्रा मार्गों की होगी लगातार निगरानी
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न शिवालयों तक जल लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा मार्गों की स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। इस बार यात्रा मार्गों पर सफाई व्यवस्था की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार मार्गों का निरीक्षण करेंगी। जहां भी गंदगी या कचरा दिखाई देगा, वहां तत्काल सफाई कराई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर भी सख्त रुख अपनाया है। कांवड़ यात्रा मार्गों के आसपास दुकानदारों और आम लोगों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
निरीक्षण टीमों द्वारा बाजारों और यात्रा मार्गों पर नियमित जांच की जाएगी। यदि कोई प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और व्यापारियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। प्लास्टिक की जगह कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करें और कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें।
अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी लोग नियमों का पालन करेंगे तो कांवड़ यात्रा अधिक व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगी।




