स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्य स्तरीय निर्देशों के अनुसार बुधवार को सवाई माधोपुर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता गतिविधियों और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने विभिन्न पंचायतों में जाकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
जिला स्तर से अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रामीण विकास, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंचायती राज, जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, अतिरिक्त विकास अधिकारी तथा सहायक विकास अधिकारी जिला परिषद सवाई माधोपुर सहित कई अधिकारियों और कार्मिकों ने निरीक्षण में भाग लिया।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रामीण विकास शैलेन्द्र सिंह एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंचायती राज डॉ. सरोज बैरवा ने संयुक्त रूप से पंचायत समिति बौंली की ग्राम पंचायत टोण्ड, जस्टाना और पिपलदा का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान घर-घर कचरा संग्रहण, सड़कों और नालियों की सफाई, सामुदायिक शौचालयों, विद्यालयों में बने शौचालयों, पिंक टॉयलेट्स, आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालय तथा पुराने कचरे के ढेरों की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण में सामने आया कि कई ग्राम पंचायतों में स्वच्छता मानकों के अनुरूप साफ-सफाई नहीं हो रही है और संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक इस दिशा में लापरवाही बरत रहे हैं। स्वच्छता गतिविधियों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ग्राम विकास अधिकारी जस्टाना और पिपलदा को 17 सीसीए के तहत चार्जशीट देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा संबंधित क्लस्टर के ब्लॉक स्तरीय स्वच्छता प्रभारियों एवं पंचायत समिति विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें साफ-सफाई के प्रति जागरूक रहने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगामी दिनों में भी इसी प्रकार सघन निरीक्षण जारी रहेगा।




