सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय का परिसर अब एक हराभरा, रंग-बिरंगे फूलों और पेड़-पौधों से महकता हुआ स्थल बन चुका है। प्राचार्य धीरेंद्र सिंह जादौन की मेहनत, लगन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने कॉलेज परिसर को प्रकृति प्रेम का जीवंत उदाहरण बना दिया है।
कॉलेज परिसर में वर्तमान में 2,500 से अधिक विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे और फूलों की प्रजातियां मौजूद हैं। इस कारण परिसर का वातावरण फूलों की खुशबू और हरियाली से भरपूर हो गया है। आसपास रहने वाले लोग और विद्यार्थी इस हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होकर इसे देखने आते हैं। राजस्थान सरकार द्वारा चलाये जा रहे हरियालो राजस्थान अभियान की भावना को कॉलेज परिसर में साकार रूप से अनुभव किया जा सकता है।
प्राचार्य धीरेंद्र जादौन ने अक्टूबर 2023 में कॉलेज का कार्यभार संभालने के समय परिसर में केवल आठ से दस पेड़-पौधे ही पाए। कॉलेज की अधिकांश भूमि ऊबड़-खाबड़ और बंजर थी। उन्होंने हरियालो राजस्थान अभियान से प्रेरणा लेकर परिसर को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया और पौधरोपण अभियान शुरू किया।
महज ढाई वर्षों में, प्राचार्य, स्टाफ और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से कॉलेज परिसर में ढाई हजार से अधिक पेड़-पौधे और फूलदार पौधे लगाए गए। इनमें नीम, पीपल, बरगद, शीशम, अर्जुन, खजूर, गुलमोहर, इमली, आम, नींबू, चंदन, अशोक, अमरूद, शहतूत, चीकू, मौसमी, किन्नू, बांस, कदम्ब सहित कई प्रजातियां शामिल हैं।
कॉलेज परिसर में गुलाब, गेंदा, गुलदाउदी, नोरंगा, बोटलब्रश, चांदनी, चमेली, रातरानी, चम्पा, हरसिंगार, गुड़हल, रजनीगंधा, डहेलिया, हौलीहोक समेत अन्य फूलों की प्रजातियां भी लगाई गई हैं, जिससे परिसर महकता रहता है। पाम, रोस्टल पाम और खजूर के पेड़ भी लगाए गए हैं। पानी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए ट्यूबवैल लगवाया गया और पौधों की सुरक्षा हेतु तारबंदी भी की गई।
इस हरियाली और फूलों से युक्त परिसर में छात्राओं में पर्यावरण चेतना बढ़ी है और अध्ययन का माहौल भी अनुकूल हुआ है। प्राचार्य ने यह भी सुनिश्चित किया कि बीते ढाई वर्षों में लगाए गए पेड़ या पौधे किसी भी तरह से नष्ट या सूखने न पाएं।
कॉलेज परिसर में विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन या शादी की सालगिरह पर भी पौधरोपण की परंपरा शुरू की गई है, जो सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश दोनों देती है। पुरानी तलाइयों के आसपास बांस के पेड़ लगाए गए हैं और भविष्य में पक्का निर्माण कर परिसर की सुंदरता और बढ़ाने की योजना बनाई गई है।




